लोन होने पर परिवार को नहीं मिलता इंश्योरेंस का पैसा, लेकिन ये एक कानून कर सकता है पत्नी-बच्चों की मदद

क्या आपकी जीवन इंश्योरेंस पॉलिसी का पैसा आपकी मृत्यु के बाद सीधे परिवार को मिलेगा? ज्यादातर लोग यही मानते हैं, लेकिन सच्चाई इससे अलग हो सकती है। यदि किसी व्यक्ति पर भारी कर्ज, बिजनेस लोन या पर्सनल गारंटी की जिम्मेदारी

अपडेटेड Jun 09, 2026 पर 1:06 PM
क्या आपकी जीवन इंश्योरेंस पॉलिसी का पैसा आपकी मृत्यु के बाद सीधे परिवार को मिलेगा?

क्या आपकी जीवन इंश्योरेंस पॉलिसी का पैसा आपकी मृत्यु के बाद सीधे परिवार को मिलेगा? ज्यादातर लोग यही मानते हैं, लेकिन सच्चाई इससे अलग हो सकती है। यदि किसी व्यक्ति पर भारी कर्ज, बिजनेस लोन या पर्सनल गारंटी की जिम्मेदारी है, तो उसकी जीवन इंश्योरेंस पॉलिसी की रकम पर भी लेनदार दावा कर सकते हैं। हालांकि, एक पुराना कानून ऐसा है जो पत्नी और बच्चों के लिए इस रकम को सुरक्षित रखने में मदद कर सकता है।

जीवन इंश्योरेंस का पैसा कई मामलों में मृतक की संपत्ति (Estate) का हिस्सा माना जाता है। ऐसे में यदि व्यक्ति की मृत्यु के समय उस पर बकाया कर्ज हो, तो बैंक या अन्य लेनदार इंश्योरेंस से मिलने वाली रकम की वसूली कर सकते हैं।

उदाहरण के लिए यदि किसी व्यक्ति के पास 2 करोड़ रुपये का जीवन इंश्योरेंस है, लेकिन उस पर 3.5 करोड़ रुपये का कर्ज बाकी है, तो लेनदार इंश्योरेंस की पूरी 2 करोड़ रुपये की अमाउंट अपने कर्ज की वसूली के लिए ले सकते हैं। इसके बाद भी 1.5 करोड़ रुपये का कर्ज बाकी रह सकता है। ऐसी स्थिति में परिवार को इंश्योरेंस का लाभ नहीं मिल पाता।


इस समस्या से बचाने के लिए मैरिड वूमेन प्रॉपर्टी एक्ट (MWPA), 1874 एक महत्वपूर्ण कानूनी सुरक्षा प्रदान करता है। इस कानून की धारा 6 के तहत कोई विवाहित पुरुष अपनी पत्नी और बच्चों के लाभ के लिए जीवन इंश्योरेंस पॉलिसी खरीद सकता है।

यदि पॉलिसी MWPA के तहत ली जाती है, तो वह व्यक्ति की निजी संपत्ति नहीं मानी जाती, बल्कि एक ट्रस्ट (Trust) के रूप में दर्ज होती है। इसका मतलब यह है कि इंश्योरेंस से मिलने वाला पैसा मृतक की संपत्ति का हिस्सा नहीं बनता और आमतौर पर लेनदार उस पर दावा नहीं कर सकते। इस स्थिति में इंश्योरेंस का पूरा अमाउंट सीधे पत्नी और बच्चों को मिलती है। वह कर्ज चुकाने में इस्तेमाल नहीं की जा सकती।

एक्सपर्ट के अनुसार MWPA के तहत पॉलिसी लेने के लिए कोई अतिरिक्त प्रीमियम नहीं देना पड़ता। पॉलिसी खरीदते समय एक साधारण फॉर्म या एंडोर्समेंट के जरिए इसे लागू किया जा सकता है।हालांकि, इसके साथ एक महत्वपूर्ण शर्त भी है। MWPA के तहत जारी पॉलिसी को बाद में बदला नहीं जा सकता। पॉलिसीधारक लाभार्थियों (Beneficiaries) को बदलने या कुछ अधिकारों का इस्तेमाल करने के लिए स्वतंत्र नहीं रहता। जिन लोगों पर होम लोन, बिजनेस लोन या पर्सनल गारंटी जैसी जिम्मेदारियां हैं, उनके लिए यह प्रावधान बेहद उपयोगी हो सकता है। इससे यह तय किया जा सकता है कि जीवन इंश्योरेंस का पैसा वास्तव में परिवार के पास पहुंचे, न कि कर्ज चुकाने में चला जाए।

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