Get App

सेल्फ-एंप्लॉयड लोगों को रेगुलर इनकम नहीं होती है, ऐसे लोगों की फाइनेंशियल प्लानिंग कैसी होनी चाहिए?

सेल्फ-एंप्लॉयड लोगों को किसी महीने कम तो किसी महीने ज्यादा इनकम होती है। इसलिए ऐसे लोगों को फाइनेंशियल प्लानिंग में दिक्कत आती है। लेकिन, कुछ ऐसे तरीके हैं, जिससे ऐसे लोगों के लिए फाइनेंशियल प्लानिंग आसान हो जाती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 05, 2024 पर 7:57 PM
सेल्फ-एंप्लॉयड लोगों को रेगुलर इनकम नहीं होती है, ऐसे लोगों की फाइनेंशियल प्लानिंग कैसी होनी चाहिए?
फाइनेंशियल प्लानिंग से पहले आपके अपने बुनियादी खर्च का कैलकुलेशन करना होगा। इसके बाद आपको एक बेसलाइन बजट बनाना होगा।

सेल्फ-एंप्लॉयड लोगों की इनकम रेगुलर नहीं होती है। किसी महीने उन्हें ज्यादा इनकम होती है तो किसी महीने उन्हें कम इनकम होती है। इसलिए नौकरी करने वाले लोगों के मुकाबले उन्हें फाइनेंशियल प्लान बनाने में मुश्किल आती है। लेकिन, कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो यह काम आसान हो जाता है। मनीकंट्रोल कुछ ऐसी बातें बता रहा है, जिसका ध्यान रख फ्रीलांसर, गीग वर्कर्स और ऐसे लोग फाइनेंशियल प्लानिंग कर सकते हैं, जिन्हें कभी ज्यादा तो कभी कम इनकम होती है।

1. बेसलाइन बजट 

फाइनेंशियल प्लानिंग से पहले आपके अपने बुनियादी खर्च (Basic Expenditure) का कैलकुलेशन करना होगा। इसके बाद आपको एक बेसलाइन बजट बनाना होगा। बेसलाइन बजट का मतलब ऐसे बजट से है, जिसमें सबसे जरूरी खर्च शामिल होते हैं। इनमें घर का किराया, यूटिलिटीज पर होने वाले खर्च, खानेपीने की चीजों पर खर्च, ट्रांसपोर्टेशन और लोन की ईएमआई शामिल हैं। बेसलाइन बजट बनाने के लिए आप अपने छह महीनों के औसत खर्च को ध्यान में रख सकते हैं।

2. इमर्जेंसी फंड

ऐसे लोगों के लिए इमर्जेंसी फंड ज्यादा जरूरी है, जिनकी इनकम रेगुलर नहीं है। इसकी वजह यह है कि कई बार ऐसी स्थितियां सामने आ जाती हैं, जो हमारी सेविंग्स खत्म कर देती हैं। बीमार पड़ने पर अस्पताल में इलाज का खर्च इसका उदाहरण है। हमें पहले से इस खर्च का अंदाजा नहीं होता है। इमर्जेंसी फंड ऐसी स्थितियों से निपटने में आपकी मदद कर सकता है। यह इमर्जेंसी फंड 3-6 महीनों के खर्च के लिए पर्याप्त होना चाहिए। आप हर महीने इनकम से थोड़े पैसे निकालकर कुछ महीनों में इमर्जेंसी फंड तैयार कर सकते हैं।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें