डेट फंड्स (Debt Funds) के टैक्स के नियम बदल गए हैं। 1 अप्रैल, 2023 के बाद खरीदी गई बॉन्ड फंड की यूनिट्स के कैपिटल गेंस पर टैक्सपेयर के स्लैब के हिसाब से टैक्स लगेगा। इससे टैक्स के लिहाज से डेट फंड और बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट के बीच का फर्क बहुत हद तक खत्म हो गया है। चूंकि, दोनों को निवेश के लिहाज से सुरक्षित माना जाता है, इसलिए सवाल यह है कि इनवेस्टर के लिए दोनों में से किसमें निवेश करना ज्यादा फायदेमंद रहेगा? इस सवाल का जवाब पाने के लिए दोनों इनवेस्टमेंट ऑप्शंस के बारे में विस्तार से जानना जरूरी है।
