ITR Filing 2026: नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ सरकार ने सैलरीड लोगों के लिए टैक्स सिस्टम में एक बड़ा बदलाव किया है। अब Form 16 की जगह नया Form 130 लाया जा रहा है, जिससे टैक्स से जुड़ी जानकारी पहले से ज्यादा साफ, व्यवस्थित और डिजिटल सिस्टम के हिसाब से हो जाएगी।
Form 130 अब TDS सर्टिफिकेट के रूप में काम करेगा, जिसे नियोक्ता अपने कर्मचारियों को जारी करते हैं। यह पुराने Form 16 की जगह लेगा।
पहले की तरह ही यह इस बात का प्रूफ होगा कि आपकी सैलरी या पेंशन से टैक्स काटकर सरकार के पास जमा कर दिया गया है। लेकिन नया फॉर्म ज्यादा व्यवस्थित और डिटेल्ड होगा। इसमें सिस्टम से तैयार डेटा और सही मिलान पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।
कब से लागू होगा नया फॉर्म
पुराना Form 16 वित्त वर्ष 2025-26 के लिए जारी होता रहेगा और जून 2026 तक दिया जाएगा। नया Form 130 पहली बार टैक्स ईयर 2026-27 के लिए जारी होगा और इसे 15 जून 2027 तक जारी किया जाएगा। यानी सैलरीड लोगों को नए फॉर्म में पूरी तरह आने में अभी थोड़ा समय लगेगा।
Form 130 में क्या बदलाव होंगे
Form 130 को तीन हिस्सों में बांटा जाएगा। इनमें टैक्स से जुड़ी अलग-अलग जानकारी होगी।
ज्यादा लोगों को मिलेगा फायदा
Form 130 को मैन्युअली जारी नहीं किया जा सकेगा। इसे TRACES पोर्टल के जरिए ही जनरेट किया जाएगा, और तभी मिलेगा जब नियोक्ता TDS रिटर्न फाइल करके उसे प्रोसेस करवा देंगे।
यह नया फॉर्म सिर्फ सैलरीड कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। इसमें पेंशन लेने वाले लोग और कुछ ऐसे वरिष्ठ नागरिक भी शामिल होंगे, जिनकी आय ब्याज से होती है।
डेटा मिलान होगा ज्यादा सटीक
नए फॉर्म का मकसद अलग-अलग जगह के डेटा को एक जैसा रखना है। अब नियोक्ता की फाइलिंग, TRACES का डेटा और टैक्सपेयर्स का भरा गया ITR आपस में बेहतर तरीके से मैच किया जा सकेगा।
चूंकि यह फॉर्म पूरी तरह सिस्टम से बनेगा, इसलिए अगर नियोक्ता TDS फाइलिंग में देरी करते हैं या उसमें गलती होती है, तो Form 130 मिलने में भी देरी हो सकती है। इसका असर आपके ITR फाइल करने के समय पर पड़ सकता है।
बदलाव लागू होने में लगेगा समय
हालांकि यह नियम 1 अप्रैल 2026 से लागू हो गया है, लेकिन सभी कंपनियां तुरंत Form 130 पर शिफ्ट नहीं कर पाएंगी। इसके लिए पेरोल सिस्टम, TDS सॉफ्टवेयर और HR प्रोसेस में बदलाव करना होगा, जिसमें समय लग सकता है।
नाम और फॉर्म का ढांचा बदलने के बावजूद कुछ चीजें पहले जैसी ही रहेंगी। Form 130 का मुख्य काम वही रहेगा, यानी आपकी सैलरी या पेंशन पर काटे गए TDS का रिकॉर्ड देना। साथ ही, टैक्स कैलकुलेशन के नियम और आपकी टैक्स देनदारी में कोई बदलाव नहीं किया गया है।