म्यूचुअल फंड का जादू! 10 हजार की मंथली SIP से बना ₹4 करोड़ से ज्यादा का फंड, इस स्कीम ने किया कमाल
Opportunities Fund SIP Return: इस थिमैटिक फंड ने अपने बेंचमार्क 'निफ्टी 500 इंडेक्स' के मुकाबले कई गुना बेहतर प्रदर्शन किया है। इस फंड ने शुरुआत से अब तक 13.14% का सालाना कंपाउंडेड रिटर्न (CAGR) दिया है। इसके मुकाबले इसके बेंचमार्क निफ्टी 500 इंडेक्स का सालाना रिटर्न इसी अवधि में मात्र 5.74% रहा है
जिन निवेशकों ने इस फंड की शुरुआत से ही हर महीने सिर्फ ₹10,000 की SIP जारी रखी, आज उनका फंड करोड़ों में है
Franklin India Opportunities Fund Performance: क्या म्यूचुअल फंड के जरिए वाकई अमीर बना जा सकता है? इसका जवाब फ्रैंकलिन टेम्पलटन की एक बेहद लोकप्रिय स्कीम के आंकड़ों ने दे दिया है। फ्रैंकलिन इंडिया ऑपर्च्युनिटीज फंड ने अपने सफर के 26 साल पूरे कर लिए हैं और इस दौरान इसने अपने निवेशकों को करोड़पति बना दिया है।
फंड हाउस द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, जिन निवेशकों ने इस फंड की शुरुआत से ही हर महीने सिर्फ ₹10,000 की SIP जारी रखी, आज उनका फंड करोड़ों में खेल रहा है। आइए जानते हैं इस म्यूचुअल फंड स्कीम का पूरा परफॉर्मेंस कार्ड और इसमें निवेश के नियम।
SIP का जादू: ₹10,000 मंथली निवेश बन गया ₹4.21 करोड़
फ्रैंकलिन टेंपलटन के 30 जून 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, इस स्कीम ने लॉन्ग टर्म में बंपर रिटर्न दिया है:
SIP रिटर्न: अगर किसी निवेशक ने 26 साल पहले इस स्कीम के लॉन्च के समय से हर महीने ₹10,000 की मंथली SIP शुरू की होती, तो आज उसकी कुल वैल्यू ₹4.21 करोड़ हो चुकी होती।
एकमुश्त निवेश: अगर किसी ने स्कीम की शुरुआत में केवल ₹10,000 का वन-टाइम (एकमुश्त) निवेश किया होता, तो वह आज बढ़कर करीब ₹2.59 लाख हो गया होता।
शानदार रिटर्न के दम पर इस स्कीम के तहत मैनेज होने वाली कुल संपत्ति (AUM) भी अब ₹9,100 करोड़ के आंकड़े को पार कर चुकी है।
बेंचमार्क से 2 गुना से ज्यादा दिया रिटर्न
इस थिमैटिक फंड ने अपने बेंचमार्क 'निफ्टी 500 इंडेक्स' के मुकाबले कई गुना बेहतर प्रदर्शन किया है। इस फंड ने शुरुआत से अब तक 13.14% का सालाना कंपाउंडेड रिटर्न (CAGR) दिया है। इसके मुकाबले इसके बेंचमार्क निफ्टी 500 इंडेक्स का सालाना रिटर्न इसी अवधि में मात्र 5.74% रहा है। इस स्कीम ने 1 साल, 3 साल, 5 साल, 10 साल और 15 साल समेत लगभग हर टाइम फ्रेम में अपने बेंचमार्क इंडेक्स से कहीं बेहतर रिटर्न दिया है।
किस फॉर्मूले पर काम करता है यह फंड?
टेंपलटन ग्लोबल इन्वेस्टमेंट्स के पोर्टफोलियो मैनेजर (इंडिया इक्विटीज) किरण सेबस्टियन के मुताबिक, यह फंड कुछ खास रणनीतियों पर काम करता है:
लॉन्ग टर्म ट्रेंड्स: यह एक थिमैटिक इक्विटी स्कीम है, जो देश के उन सेक्टर्स में निवेश करती है जो लंबी अवधि में तेजी से बढ़ रहे हैं जैसे- मैन्युफैक्चरिंग, तेजी से बढ़ती कंज्यूमर स्पेंडिंग और डिजिटलाइजेशन।
स्पेशल सिचुएशन अप्रोच: फंड 'स्पेशल सिचुएशंस' रणनीति को अपनाता है और अलग-अलग मार्केट कैपिटलाइजेशन (लार्ज, मिड और स्मॉल कैप) की कंपनियों में निवेश करता है।
निवेश के नियम और जरूरी शर्तें
अगर आप इस फंड में निवेश करना चाहते हैं, तो इन बुनियादी बातों का ध्यान रखें:
न्यूनतम निवेश: पहली बार निवेश करने के लिए कम से कम ₹5,000 की जरूरत होती है। इसके बाद आप ₹1,000 से अतिरिक्त निवेश शुरू कर सकते हैं।
एग्जिट लोड: अगर आप अलॉटमेंट की तारीख से 1 साल के भीतर अपने पैसे निकालते हैं, तो आपको 1% का एग्जिट लोड देना होगा।
निवेश करने से पहले जोखिम को समझें
हालांकि इस फंड के ऐतिहासिक आंकड़े बेहद आकर्षक हैं, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि इक्विटी म्यूचुअल फंड बाजार के जोखिमों के अधीन होते हैं। यह फंड मिड-कैप और स्मॉल-कैप कंपनियों में भी निवेश करता है, जिनमें लार्ज-कैप शेयरों की तुलना में अस्थिरता अधिक होती है। पुराना प्रदर्शन इस बात की गारंटी नहीं है कि भविष्य में भी बिल्कुल ऐसा ही रिटर्न मिलेगा।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।