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Insurance 2026: 2026 में बीमा उपभोक्ताओं के लिए नया दौर, डिजिटल और पॉलिसी बदलाव से बदलेगा परिदृश्य

Insurance 2026: भारत का बीमा क्षेत्र अब बड़े बदलाव के दौर में है और यह देश की आर्थिक और सामाजिक मजबूती में अहम भूमिका निभा रहा है। पहले बीमा लेना ज्यादातर जीवन की खास घटनाओं और मृत्यु के बाद परिवार को आर्थिक सहारा देने के लिए होता था। लेकिन अब हालात बदल गए हैं।

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 20, 2026 पर 7:18 PM
Insurance 2026: 2026 में बीमा उपभोक्ताओं के लिए नया दौर, डिजिटल और पॉलिसी बदलाव से बदलेगा परिदृश्य

भारत बीमा क्षेत्र में अब संरचनात्मक बदलाव का दौर शुरू हो गया है। यह आर्थिक और सामाजिक मजबूती में अहम भूमिका निभा रहा है। पहले बीमा खरीदना ज्यादातर जीवन की खास घटनाओं और मृत्यु के बाद परिवार को वित्तीय सुरक्षा देने के लिए होता था। लेकिन आधुनिक समय में बीमा का माहौल पूरी तरह बदल चुका है।

आज का नजरिया बहुत व्यापक हो गया है। चिकित्सा खर्चों में तेजी से बढ़ोतरी, जलवायु परिवर्तन से आने वाली मुश्किलें और डिजिटल धोखाधड़ी के बढ़ते खतरे ने वित्तीय जोखिम को और गहरा दिया है। अब इन कारणों से वित्तीय योजना में बीमा की भूमिका नया रूप ले रही है। 2026 में यह बदलाव उपभोक्ताओं की पसंद और उत्पादों की प्रकृति पर गहरा असर डालेगा।

एक ऐसा साल जिसने दिशा बदली

नीतिगत बदलाव के लिहाज से 2025 बहुत महत्वपूर्ण रहा, जिसने बीमा में वृद्धि और सबको शामिल करने को बढ़ावा दिया। 2024-25 में गैर-जीवन बीमा कारोबार ने सकल प्रत्यक्ष प्रीमियम (ग्रॉस डायरेक्ट प्रीमियम) के लिए 3 ट्रिलियन रुपये का आंकड़ा पार कर लिया । इसमें सालाना लगभग 6.2% की बढ़ोतरी हुई, जो बाजार में उल्लेखनीय प्रगति दिखाती है। सरकार ने सितंबर 2025 में व्यक्तिगत जीवन और स्वास्थ्य बीमा के प्रीमियम पर 18% जीएसटी पूरी तरह हटा दिया। इससे पॉलिसी की कीमत घटी और बीमा सुरक्षा आसान हो गई। इससे भी बड़ी बात यह है कि बीमा को जरूरी वित्तीय उत्पाद के रूप में मजबूती मिली।

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