अगले हफ्ते किस ओर जाएंगे सोने-चांदी के भाव? एक्सपर्ट बोले- RBI पॉलिसी और ये डेटा करेंगे तय
सोना-चांदी में पिछले हफ्ते तेजी के बाद अब अगला हफ्ता सीमित दायरे में रह सकता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक RBI पॉलिसी, वेस्ट एशिया तनाव और ग्लोबल डेटा कीमतों की दिशा तय करेंगे, जबकि रुझान हल्का पॉजिटिव रह सकता है।
एनालिस्टों का मानना है कि अगले हफ्ते सोना-चांदी का ट्रेंड साइडवेज से हल्की तेजी की ओर रह सकता है।
पिछले हफ्ते सोने और चांदी की कीमतों में तेजी देखने को मिली। हालांकि, एक्सपर्ट का मानना है कि सोमवार, 6 अप्रैल से शुरू हो रहे नए हफ्ते सोना और चांदी सीमित दायरे में रह सकती हैं। रुझान हल्का पॉजिटिव बना रह सकता है। निवेशकों की नजर खास तौर पर पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव और ग्लोबल इकोनॉमिक डेटा पर रहेगी।
RBI पॉलिसी और ग्लोबल डेटा पर नजर
घरेलू बाजार में निवेशक RBI की मौद्रिक नीति पर भी नजर रखेंगे, जो हफ्ते के बीच में आने वाली है। इसके अलावा दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से आने वाले कई अहम आंकड़े भी बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।
JM Financial Services के प्रणव मेर का कहना है कि गल्फ रीजन में जो भी घटनाक्रम होंगे, उसी हिसाब से सोना-चांदी में मूवमेंट देखने को मिलेगा। जैसे कि तनाव का बढ़ना या कम होना।
कौन से ग्लोबल आंकड़े रहेंगे अहम
निवेशकों की नजर सर्विस PMI डेटा, अमेरिका के ड्यूरेबल गुड्स, GDP, PCE इंडेक्स और CPI महंगाई के आंकड़ों पर रहेगी। ये सभी डेटा आगे बाजार को दिशा देने में अहम भूमिका निभाएंगे।
पिछले हफ्ते सोना-चांदी में रही तेजी
छुट्टियों की वजह से छोटा रहे पिछले हफ्ते में सोना और चांदी दोनों में अच्छी तेजी देखने को मिली। MCX पर जून कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना 2,425 रुपये यानी 1.65 प्रतिशत बढ़ा। वहीं, मई डिलीवरी वाली चांदी 4,541 रुपये यानी 2 प्रतिशत चढ़ी।
Choice Broking के मुताबिक, तीन हफ्तों की गिरावट के बाद दोनों धातुओं में रिकवरी आई। इसके पीछे रुपये की कमजोरी और बिटकॉइन में गिरावट जैसे फैक्टर रहे। इससे निवेशक फिर से बुलियन की तरफ लौटे।
ग्लोबल मार्केट में भी दिखी मजबूती
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना और चांदी मजबूत रहे। कॉमेक्स पर जून कॉन्ट्रैक्ट वाला सोना 155.4 डॉलर यानी 3.43 प्रतिशत बढ़कर 4,679.7 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं चांदी 3.13 डॉलर यानी 4.5 प्रतिशत चढ़कर 72.92 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुई।
प्रणव मेर के मुताबिक, सोना लगातार दूसरे हफ्ते बढ़त के साथ बंद हुआ और करीब 4 प्रतिशत का साप्ताहिक फायदा दर्ज किया। चांदी ने भी इसी ट्रेंड का साथ दिया।
मजबूत अमेरिकी डेटा के बावजूद तेजी क्यों
मेर ने बताया कि मजबूत अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों के बावजूद सोने की कीमतों में तेजी बनी रही। इससे संकेत मिलता है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था मजबूत है और मौद्रिक नीति अभी सपोर्टिव बनी हुई है।
ETF निवेशकों की बिकवाली और सेंट्रल बैंकों की खरीद में कमी से कुछ दबाव जरूर दिखा। लेकिन, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान को लेकर बयान के बाद तनाव बढ़ा और कीमतों में फिर तेजी आ गई।
बनी हुई है अनिश्चितता
Choice Broking के मुताबिक, अनिश्चितता अभी भी बनी हुई है। ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव को ठुकरा दिया है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर नियंत्रण की बात कही है।
वहीं मजबूत फिजिकल डिमांड ने भी कीमतों को सपोर्ट दिया है। चीन में 2026 के पहले दो महीनों में चांदी का आयात 206.76 मीट्रिक टन तक पहुंच गया, जो आठ साल का उच्च स्तर है। इससे ग्लोबल सप्लाई पर दबाव बढ़ा है।
गोल्ड-सिल्वर के लिए संकेत
एनालिस्टों का मानना है कि अगले हफ्ते सोना-चांदी का ट्रेंड साइडवेज से हल्की तेजी की ओर रह सकता है। निवेशक अमेरिका के बेरोजगारी दर और जॉबलेस क्लेम्स जैसे आंकड़ों पर भी नजर रखेंगे, जो आगे की पॉलिसी और कीमतों की दिशा तय कर सकते हैं।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
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