MCX पर सोना ₹1.53 लाख के पार, चांदी ₹2.36 के नीचे फिसली, जानें किस कारण बढ़ी मांग
Gold Silver Price: घरेलू वायदा कारोबार में सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। यह बढ़ोतरी ग्लोबल बुलियन कीमतों में आई तेजी के कारण हुई है। दरअसल, निवेशकों ने अमेरिका के अहम महंगाई आंकड़ों से पहले सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की खरीदारी बढ़ाई
चांदी की कीमतों में गिरावट आई।MCX पर सितंबर डिलीवरी के लिए चांदी का वायदा भाव 0.16% गिरकर ₹2.36 लाख प्रति किलोग्राम हो गया।
Gold Silver Price: घरेलू वायदा कारोबार में सोने की कीमतों में बढ़ोतरी हुई। यह बढ़ोतरी ग्लोबल बुलियन कीमतों में आई तेजी के कारण हुई है। दरअसल, निवेशकों ने अमेरिका के अहम महंगाई आंकड़ों से पहले सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की खरीदारी बढ़ाई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर, अक्टूबर डिलीवरी के लिए सोने का वायदा भाव ₹1,501 या 0.98% बढ़कर ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम हो गया। इस कॉन्ट्रैक्ट में 1,332 लॉट का कारोबार हुआ।
हालांकि, चांदी की कीमतों में गिरावट आई।MCX पर सितंबर डिलीवरी के लिए चांदी का वायदा भाव 0.16% गिरकर ₹2.36 लाख प्रति किलोग्राम हो गया।
घरेलू सोने का बाजार ग्लोबल ट्रेंड के अनुरूप चला। कमोडिटी कमेंट्री के अनुसार, न्यूयॉर्क में सोने का वायदा भाव 0.35% बढ़कर $4,406.15 प्रति औंस हो गया, जबकि स्पॉट गोल्ड की कीमत लगभग $4,409.81 प्रति औंस रही।
सोने की कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
सोने की कीमतों में लगातार तीसरे सत्र में बढ़ोतरी हुई है और यह ग्लोबल मार्केट में दो महीने से अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। बुधवार (12 अगस्त) को आने वाले अमेरिकी कंज्यूमर प्राइस इन्फ्लेशन (महंगाई) के आंकड़ों से पहले निवेशकों ने इस कीमती धातु की खरीदारी बढ़ा दी है। ये आंकड़े फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों के नजरिए के बारे में नए संकेत दे सकते हैं।
जुलाई के कमजोर अमेरिकी जॉब्स डेटा के कारण बाजारों ने पहले ही मॉनेटरी पॉलिसी (मौद्रिक नीति) के नजरिए का दोबारा आकलन करना शुरू कर दिया है। कम ब्याज दरें आमतौर पर सोने के लिए फायदेमंद होती हैं क्योंकि इस धातु से कोई ब्याज आय नहीं होती है।
विश्लेषकों का कहना है कि बाजार के भागीदारों द्वारा बनाई गई नई पोजीशन से भी घरेलू वायदा कीमतों को समर्थन मिला।
चीन ने सोने की मांग बढ़ाई!
केंद्रीय बैंकों की खरीदारी से भी सोने को समर्थन मिला है। रिद्धि-सिद्धि बुलियंस के मैनेजिंग डायरेक्टर और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट पृथ्वीराज कोठारी के अनुसार, चीन के केंद्रीय बैंक ने जुलाई में अपने भंडार में लगभग 20 टन सोना जोड़ा, जो अक्टूबर 2023 के बाद से सबसे बड़ी मासिक बढ़ोतरी है। केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी निवेश की मांग को बढ़ाकर बुलियन की कीमतों को बुनियादी समर्थन दे सकती है।
आगे कीमतों को क्या कर सकता है प्रभावित!
ग्लोबल और घरेलू सोने की कीमतों में बदलाव की मुख्य वजह US CPI डेटा होगा और इसके बाद इस हफ़्ते के आखिर में प्रोड्यूसर प्राइस इन्फ्लेशन डेटा आएगा। बाज़ार यह देखेंगे कि महंगाई के आंकड़े फेड के भविष्य के रेट फैसलों को लेकर उम्मीदों को मज़बूत करते हैं या कमज़ोर। कोई भी नई जियोपॉलिटिकल घटना, खासकर ईरान और होर्मुज़ जलडमरूमध्य से जुड़ी घटनाएँ, सुरक्षित निवेश (सेफ़-हेवन) की मांग और कमोडिटी की कीमतों पर असर डाल सकती हैं।
भारतीय निवेशकों के लिए, US डॉलर के मुकाबले रुपये में उतार-चढ़ाव भी अहम रहेगा। रुपया कमज़ोर होने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कीमत तय होने वाले सोने की लैंडेड कॉस्ट बढ़ सकती है और घरेलू कीमतों में बढ़ोतरी हो सकती है, जबकि रुपया मज़बूत होने पर इसका उल्टा असर हो सकता है।
सोने के मुकाबले चांदी का प्रदर्शन कमज़ोर
घरेलू फ़्यूचर्स ट्रेड में चांदी ने सोने जैसी बढ़त नहीं दिखाई है। हालांकि, ग्लोबल स्तर पर निवेशकों के सेंटीमेंट और औद्योगिक मांग के कारण चांदी में तेज़ी बनी रही। स्पॉट ट्रेड में यह मेटल लगभग $64.10 प्रति औंस पर था।
कोठारी ने कहा कि अगर चांदी की कीमत $63 प्रति औंस से ऊपर जाती है, तो इसके $70-$71 प्रति औंस तक पहुंचने की संभावना बन सकती है, हालांकि असल कीमत में बदलाव ग्लोबल मांग, ब्याज दरों, डॉलर और बाज़ार की व्यापक स्थितियों पर निर्भर करेगा।
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