Gold in Portfolio: गोल्ड में कितना निवेश अच्छा? समझें और फिर लगाएं पैसे, मजबूत रहेगी पोर्टफोलियो की चमक

Gold in Portfolio: गोल्ड की तेजी ने निवेशकों की आंखें चौंधिया दी है। जिन निवेशकों ने इसमें पैसे डाले, उन्होंने तगड़ा पैसा बनाया तो जिन्होंने इसके नीचे आने का इंतजार किया, वे पछताने लगे। हालांकि ऐसे समय में सबसे अहम सवाल ये है कि गोल्ड पोर्टफोलियो में हो तो कितना हो, इसे लेकर एक्सपर्ट का क्या कहना है

अपडेटेड May 17, 2026 पर 2:29 PM
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Gold in Portfolio: एक्सपर्ट्स के मुताबिक पोर्टफोलियो का लगभग 5% से 15% हिस्सा गोल्ड में रखने में पोर्टफोलियो बैलेंस्ड रहता है।

Gold in Portfolio: एक्सपर्ट्स हमेशा सलाह देते हैं कि निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो को डाईवर्सिफाई रखना चाहिए यानी कि किसी एक एसेट में पैसे लगाने की बजाय थोड़ा-थोड़ा करके कई एसेट्स में पैसे लगाने चाहिए। जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बीच जिन्होंने सिर्फ इक्विटी में पैसे लगाए, उनके पोर्टफोलियो ने तगड़ा शॉक दिया लेकिन जिन्होंने गोल्ड भी शामिल किया, उनका पोर्टफोलियो बैलेंस रहा। गोल्ड ने रॉकेट की स्पीड से निवेशकों का पैसा बढ़ाया लेकिन इसका मतलब ये नहीं है कि पोर्टफोलियो में सिर्फ इसे ही रखा जाए। लॉन्ग टर्म की वित्तीय स्थिरता के लिए निवेश पोर्टफोलियो में कितना गोल्ड होना चाहिए, यह निवेशकों की रिस्क लेने की क्षमता, निवेश के पीरियड, वित्तीय लक्ष्य और कुल एसेट एलोकेशन पर निर्भर करता है।

कितना गोल्ड होना चाहिए पोर्टफोलियो में?

अगर आपके पोर्टफोलियो में गोल्ड का हिस्सा बहुत कम है तो कठिन वक्त में यह पोर्टफोलियो पर अपना असर नहीं डाल पाएगा। इसका असर पोर्टफोलियो पर प्रभावी तरीके से दिखे, इसके लिए जरूरी है कि गोल्ड का वजन पोर्टफोलियो में पर्याप्त होना चाहिए। हालांकि दूसरी तरफ पोर्टफोलियो में अधिक गोल्ड हुआ तो मुनाफे वाले एसेट्स का वजन कम हो सकता है। कठिन वक्त में गोल्ड मानसिक तौर पर संतुष्टि दे सकता है लेकिन लॉन्ग टर्म ग्रोथ नहीं सुनिश्चित होती है। ऐसे में पोर्टफोलियो में बहुत कम गोल्ड होने का मतलब इसका असर फीका करना और बहुत अधिक गोल्ड रखने का मतलब निवेश के मौके खोना है।


एक्सपर्ट्स के मुताबिक पोर्टफोलियो का लगभग 5% से 15% हिस्सा गोल्ड में रखने में पोर्टफोलियो बैलेंस्ड रहता है। निवेश के बेस्ट तरीकों की बात करें तो गोल्ड में गहनों, बार्स, कॉइन्स, ईटीएफ, डिजिटल गोल्ड या बॉन्ड्स के रूप में निवेश कर सकते हैं। इनमें से हर एक की अपनी खूबियां होती हैं तो आखिरी फैसला लेने से पहले इन पर सावधानीपूर्वक विचार करना चाहिए।

गोल्ड एक सहयोगी एसे, खुद ग्रोथ का स्रोत नहीं

शेयरों, बिजनेसेज में निवेशों और रियल एस्टेट डील्स से नियमित तौर पर इनकम मिलती है लेकिन गोल्ड से ऐसा नहीं होता है। गोल्ड में निवेश का फायदा कैपिटल गेन और संकट के दौरान ऊंची मांग के रूप में दिखता है। इस प्रकार आक्रामक निवेश पोर्टफोलियो बनाने की तुलना में सोना महंगाई से बचाव के लिए अधिक उपयोगी है। गोल्ड की चाल बाकी एसेट्स की तुलना में अलग होती है जैसे कि जब बाजार में तनाव होता है, महंगाई तेजी से बढ़ने की आशंका रहती है और करेंसी क्राइसिस होती है तो यह असामान्य तरीके से आगे बढ़ सकता है।

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