Gold Price Investment Strategy: वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रैटेजी क्रिस वुड ने सोने में निवेश को लेकर एक बड़ा और अहम सुझाव दिया है। मनीकंट्रोल को दिए एक खास इंटरव्यू में क्रिस वुड ने कहा कि हालिया गिरावट और एक सीमित दायरे में कारोबार करने के बाद अब सोने में फिर से खरीदारी शुरू करने का सही समय आ गया है।
क्यों आया सोने में गिरावट का दौर?
क्रिस वुड ने सोने की हालिया चाल का विश्लेषण करते हुए बताया कि जब हाल ही में ईरान संघर्ष की शुरुआत हुई थी, तब भी सोने ने अपना नया रिकॉर्ड हाई नहीं बनाया था।
ईरान युद्ध की खबर के बावजूद सोने का नया ऑल-टाइम हाई न बनाना इस बात का साफ इशारा था कि सोने का बाजार फिलहाल अपने शिखर पर पहुंच चुका है और इसके बाद एक ठहराव या कंसोलिडेशन फेज शुरू होना तय था।
अब सोना इस ट्रेडिंग रेंज के अपने सबसे निचले स्तर के करीब आ गया है, जिससे निवेशकों के लिए इसमें नए सिरे से एंट्री करने का बेहतरीन मौका बन रहा है।
लंबी अवधि में क्यों मजबूत है सोने का आउटलुक?
क्रिस वुड लंबी अवधि के लिए सोने को लेकर बेहद तेजी का रुख रखते हैं। उन्होंने इसके पीछे का मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर के अवमूल्यन को बताया। वुड ने तर्क देते हुए कहा कि, 'दीर्घकालिक नजरिए से मुझे सोना इसलिए पसंद है क्योंकि मैं अभी भी 'डॉलर डिबेसमेंट ट्रेड' यानी डॉलर के मूल्य में आने वाली संभावित गिरावट की थ्योरी में पूरा विश्वास रखता हूं।'
निवेशकों के लिए क्रिस वुड की सलाह
सोने में आई हालिया करेक्शन के बाद अब यह एक आकर्षक कंसोलिडेशन जोन में है। इसलिए निवेशकों को हर गिरावट पर इसे अपने पोर्टफोलियो में जोड़ने की रणनीति अपनानी चाहिए।
वैश्विक अनिश्चितताओं और अमेरिकी डॉलर के दीर्घकालिक दबाव को देखते हुए सोना पोर्टफोलियो को मजबूती और सुरक्षा प्रदान करने का सबसे असरदार माध्यम बना हुआ है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।