अक्षय तृतीया पर गोल्ड खरीदना शुभ माना जाता है। पिछले सालों में कीमतों में आई तेजी से भी सोना खरीदने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। पिछले साल 15 अप्रैल को सोने का भाव 95,500 रुपये प्रति 10 ग्राम था। अभी इसकी कीमत 1,55,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। इसका मतलब है कि सोना एक साल में 63 फीसदी चढ़ा है। सवाल है कि क्या अक्षय तृतीया पर आपको सोना खरीदना चाहिए?
अक्षय तृतीया पर सोना खरीदना शुभ माना जाता है
अक्षय तृतीया 19 अप्रैल को है। भारत में इस मौके पर सोना खरीदने की परंपरा रही है। ऐसा करना शुभ माना जाता है। एनालिस्ट्स का मानना है कि कीमतों में उछाल के बावजूद सोने की मांग पर असर नहीं पड़ा है। इसकी बड़ी वजह यह है कि रिटेल और इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स सोने में निवेश को जरूरी मानते हैं। दरअसल सोने को शामिल करने से इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन आता है।
मध्यपूर्व में लड़ाई का असर सोने की कीमतों पर पड़ा
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनवेस्टर्स अक्षय तृतीया के मौके का इस्तेमाल सोने में निवेश के लिए कर सकते हैं। एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज की कमोडिटी रिसर्च की हेड वंदना भारती ने कहा, "गोल्ड का आउटलुक पॉजिटिव है। केंद्रीय बैंकों और ईटीएफ की खरीदारी से गोल्ड की कीमतें मजबूत बनी रहेंगी।" इस साल जनवरी के आखिर में सोने का भाव रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था। उसके बाद इसमें गिरावट आई। फिर, सोने की कीमतों पर अमेरिका-ईरान की लड़ाई का भी असर पड़ा। हालांकि, बीते कुछ हफ्तों में सोने में रिकवरी आई है।
गोल्ड ईटीएफ सोने में निवेश का अच्छा जरिया
गोल्ड ईटीएफ सोने में निवेश का अच्छा जरिया है। पिछले कुछ सालों में सोने की कीमतों में उछाल की वजह से गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है। लोग फिजिकल गोल्ड (गोल्ड ज्वेलरी, कॉइन, बार) की जगह गोल्ड ईटीएफ में ज्यादा दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इसकी कई वजहें हैं। गोल्ड ईटीएफ में निवेश करने में सोने की सुरक्षा की चिंता नहीं रहती है। गोल्ड ईटीएफ में निवेश घर बैठे किया जा सकता है। जरूरत पड़ने पर इसे बेचना काफी आसान है।
एक्सपर्ट्स दे रहे सोने में निवेश की सलाह
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जिन निवेशकों के पोर्टफोलियो में गोल्ड शामिल नहीं है, वे अक्षय तृतीया के मौके पर गोल्ड ईटीएफ में निवेश कर सकते हैं। इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो में 10-15 फीसदी तक बुलियन की हिस्सेदारी हो सकती है। इससे पोर्टफोलियो को डायवर्सिफायड बनाने में मदद मिलती है। जिन निवेशकों के पोर्टफोलियो में गोल्ड की हिस्सेदारी कम है, वे गोल्ड में निवेश कर सकते हैं।