Bank Locker Rules: पंजाब नेशनल बैंक की ब्रांच में तब अफरातफरी मच गई जब एक महिला ने बैंक लॉकर से गहने चोरी होने का आरोप लगाया। दरअसल, पश्चिमी दिल्ली के कीर्ति नगर की पंजाब नेशनल बैंक की ब्रांच में एक महिला और उनकी सास ने आरोप लगाया कि उनके बैंक लॉकर में रखे सोने के गहने गायब हैं। बैंक लॉकर बैंक के तय प्रोसेस के अनुसार खोला गया। इसके बाद भी दोनों महिलाओं ने दावा किया कि अंदर गहने गायब थे।
यह खबर तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गई। आसपास के लोग और दूसरे बैक लॉकर होल्डर भी घबरा गए। कई ग्राहक अपने-अपने लॉकर चेक करने के लिए ब्रांच पहुंच गए। जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और चेकिंग शुरू की। शुरुआती जांच में किसी तरह की जबरन तोड़फोड़ या ताला तोड़ने जैसा कुछ नहीं मिला। पुलिस को पता चला कि लॉकर 5 फरवरी को हाल ही में ऑपरेट किया गया था। यह एक जॉइंट लॉकर था। इस घटना के बाद बैंक लॉकर की जिम्मेदारी को लेकर फिर सवाल उठे हैं। कई लोग मानते हैं कि बैंक लॉकर में रखी चीजों की पूरी जिम्मेदारी बैंक की होती है। लेकिन हकीकत कुछ अलग है।
Reserve Bank of India के नियमों के अनुसार बैंक सिर्फ लॉकर की जगह और बुनियादी सुरक्षा देता है। बैंक को यह नहीं पता होता कि ग्राहक अंदर क्या रखता है। अगर लॉकर की चीजें गायब होती हैं तो बैंक तभी जिम्मेदार होगा जब उसकी लापरवाही साबित हो। जैसे कि CCTV काम न करना, सुरक्षा में बड़ी चूक या बैंक कर्मचारियों की गलती।
अगर बैंक की गलती साबित हो भी हो जाए, तो मुआवजे की सीमा तय है। RBI के 2022 के नियमों के अनुसार बैंक अधिकतम लॉकर के सालाना किराए के 100 गुना तक मुआवजा देगा। उदाहरण के लिए, अगर लॉकर का सालाना किराया 4,000 रुपये है तो अधिकतम मुआवजा 4 लाख रुपये होगा, चाहे अंदर की चीजों की कीमत कितनी भी ज्यादा क्यों न हो। प्राकृतिक आपदा जैसे बाढ़ या भूकंप में बैंक जिम्मेदार नहीं होता।
ग्राहक लॉकर लेते समय एग्रीमेंट ध्यान से पढ़ें। अगर किसी तरह की गड़बड़ी लगे तो तुरंत पुलिस में शिकायत करें और बैंक को लिखित सूचना दें। गहनों की फोटो, बिल और रिकॉर्ड संभालकर रखें।
वित्तीय सलाहकार यह भी कहते हैं कि महंगे गहनों और कीमती सामान के लिए अलग से बीमा कराना बेहतर होता है। बैंक लॉकर सुरक्षित जरूर है, लेकिन यह पूरी गारंटी नहीं देता। आखिरकार, कीमती सामान की अंतिम जिम्मेदारी ग्राहक की ही मानी जाती है।