Gold Jewellery: 10 ग्राम की ज्वेलरी बनवाने पर कितना होगा खर्च, समझिए पूरा कैलकुलेशन

Gold Jewellery: सोने के ऊंचे दाम के बीच ज्वेलरी बनवाने का असली खर्च समझना जरूरी है। 10 ग्राम का हार और 5 ग्राम की अंगूठी बनवाने में मेकिंग चार्ज और GST मिलाकर कितना खर्च आएगा, जानिए पूरा कैलकुलेशन।

अपडेटेड Apr 16, 2026 पर 4:33 PM
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दिल्ली में 16 अप्रैल को 24 कैरेट सोना ₹1,55,510 प्रति 10 ग्राम है।

Gold Jewellery: सोने का भाव काफी ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। ऐसे में अगर आप ज्वेलरी खरीदने या बनवाने का प्लान कर रहे हैं, तो सिर्फ सोने का भाव जान लेना काफी नहीं है।

असल खर्च हमेशा उससे ज्यादा होता है, क्योंकि इसमें मेकिंग चार्ज और GST भी जुड़ते हैं। अगर आप अक्षय तृतीय पर 10 ग्राम का हार और 5 ग्राम की अंगूठी बनवाने की सोच रहे हैं, तो पूरा हिसाब समझना जरूरी है।

दिल्ली में सोने का ताजा भाव


दिल्ली में 16 अप्रैल को 24 कैरेट सोना ₹1,55,510 प्रति 10 ग्राम है। वहीं, 22 कैरेट सोना ₹1,42,560 प्रति 10 ग्राम पर चल रहा है। ज्वेलरी आमतौर पर 22 कैरेट सोने से बनती है, क्योंकि 24 कैरेट का गोल्ड काफी मुलायम होता है। उसका ज्वेलरी बन पाना मुमकिन नहीं है।

10 ग्राम का हार बनवाने का पूरा खर्च

अगर आप 22 कैरेट सोने में 10 ग्राम का हार बनवाते हैं, तो सबसे पहले सोने की बेस कीमत ₹1,42,560 होगी। अब इसमें मेकिंग चार्ज जुड़ता है, जो आम तौर पर 8% से 15% के बीच होता है। यहां औसतन 10% मानते हैं। इस हिसाब से मेकिंग चार्ज ₹14,256 होगा।

अब दोनों को जोड़ने पर कुल ₹1,56,816 हो जाते हैं। इस पर 3% GST लगता है, जो करीब ₹4,704 बैठता है। इस तरह 10 ग्राम का हार बनवाने में आपका कुल खर्च करीब ₹1,61,520 होगा।

5 ग्राम की अंगूठी बनवाने का खर्च

अब 5 ग्राम की अंगूठी का हिसाब देख लेते हैं। 22 कैरेट सोने के हिसाब से 5 ग्राम की कीमत ₹71,280 होगी। इस पर 10% मेकिंग चार्ज जोड़ने पर ₹7,128 और जुड़ेंगे।

कुल ₹78,408 होता है। इस पर 3% GST यानी करीब ₹2,352 जोड़ने पर कुल खर्च करीब ₹80,760 हो जाता है।

दोनों साथ बनवाने पर कुल खर्च

अगर आप 10 ग्राम का हार और 5 ग्राम की अंगूठी दोनों बनवाते हैं, तो कुल खर्च इस तरह बनेगा:

  • हार का खर्च: ₹1,61,520
  • अंगूठी का खर्च: ₹80,760

कुल मिलाकर आपको करीब ₹2,42,280 खर्च करने पड़ सकते हैं।

इन बातों का भी रखें ध्यान

  • हमेशा 22 कैरेट या 18 कैरेट जैसा जो भी सोना ले रहे हैं, उसका हॉलमार्क सर्टिफिकेशन जरूर देखें। इससे पता चलता है कि सोना असली और तय शुद्धता का है।
  • मेकिंग चार्ज अलग-अलग ज्वेलर्स पर काफी बदलता है। पहले ही पूछ लें कि यह फिक्स है या परसेंटेज में, ताकि बिल बनते वक्त झटका न लगे।
  • हमेशा डिटेल बिल लें, जिसमें सोने की कीमत, मेकिंग चार्ज और GST अलग-अलग दिखे। इससे पारदर्शिता रहती है और बाद में बेचने या एक्सचेंज में भी मदद मिलती है।
  • जितना भारी या जटिल डिजाइन होगा, उतना ज्यादा मेकिंग चार्ज लगेगा। इसलिए सिर्फ दिखावे में न जाएं, कुल लागत का अंदाजा पहले लगाएं।
  • ज्वेलरी खरीदते समय यह जरूर पूछें कि बाद में बेचने या बदलने पर कितना कट लगेगा। अच्छी पॉलिसी होने से भविष्य में नुकसान कम होता है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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