Gold Outlook: 30% ऊपर या 20% नीचे... वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल ने बताया 2026 में कैसी रहेगी गोल्ड की चाल
Gold Outlook: 2025 में रिकॉर्ड तोड़ बढ़त के बाद अब गोल्ड निवेशकों की नजर 2026 पर है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल का अनुमान है कि सोना 30% तक चढ़ सकता है या 20% तक गिर सकता है। जानिए किन हालात में तेजी आएगी और किनमें गिरावट।
अब गोल्ड निवेशकों की नजर नए साल यानी 2026 में गोल्ड की चाल पर है।
Gold Outlook: गोल्ड और इसके निवेशकों के लिए 2025 सबसे यादगार साल में से एक रहा। यह साल अपने आखिरी महीने में है और अब तक 50 से ज्यादा बार ऑल टाइम हाई छू चुका है। साल की शुरुआत से अब तक कीमतों में 60% से ज्यादा उछाल आया है। इसकी वजह है- दुनिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव, कमजोर होता अमेरिकी डॉलर, ब्याज दरों में नरमी और निवेशकों का सुरक्षित निवेश की तरफ रुख।
2026 में कैसी रहेगी गोल्ड की चाल?
अब गोल्ड निवेशकों की नजर नए साल यानी 2026 में गोल्ड की चाल पर है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की Gold Outlook 2026 रिपोर्ट बताती है कि अगले साल सोना किस दिशा में जा सकता है। इस रिपोर्ट में तीन बड़े पहलू बताए गए हैं।
1. अमेरिका में हल्की आर्थिक सुस्ती: अगर अमेरिका की ग्रोथ थोड़ी धीमी होती है और फेडरल रिजर्व अनुमान से ज्यादा तेजी से ब्याज दरें घटाता है, तो सोना 5-15% तक बढ़ सकता है। कमजोर डॉलर और रिस्क लेने की अनिच्छा इस बढ़त को सहारा देगी।
2. गहरी और वैश्विक मंदी: अगर दुनिया भर की अर्थव्यवस्था में बड़ी गिरावट आती है और भू-राजनीतिक अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक सुरक्षित जगहों पर दौड़ेंगे। इस स्थिति में सोने की कीमतें 15-30% तक बढ़ने की संभावना है। यह सोने के लिए सबसे अनुकूल माहौल माना गया है।
3. उम्मीद से मजबूत अमेरिकी अर्थव्यवस्था: अगर अमेरिकी अर्थव्यवस्था उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करती है और ब्याज दरें बढ़ती हैं, तो सोना दबाव में आ सकता है। मजबूत डॉलर और जोखिम वाली एसेट्स की तरफ शिफ्ट कीमतों को 5-20% तक नीचे ला सकता है।
अगर वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के अनुमान के मुताबिक सोना 30% ऊपर या 20% नीचे जाता है, तो कीमतों में भारी बदलाव आ सकता है। अभी गोल्ड का दाम ₹1,28,592 प्रति 10 ग्राम पर है। 30% बढ़ोतरी पर भाव करीब ₹1,67,170 तक पहुंच जाएगा। वहीं, 20% की गिरावट आई, तो सोने का रेट घटकर ₹1,02,874 प्रति 10 ग्राम तक आ जाएगा।
दो फैक्टर बदल सकते हैं पूरी तस्वीर
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट बताती है कि दो चीजें ऐसी हैं, जो 2026 में सोने की दिशा को अचानक बदल सकती हैं।
1. सेंट्रल बैंक की सोना खरीद: कई उभरते देश अब भी विकसित देशों की तुलना में काफी कम सोना रखते हैं। अगर भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है, तो ये देश अपनी खरीद तेज कर सकते हैं। इससे सोने को बड़ा सपोर्ट मिलेगा।
2. रीसाइक्लिंग सप्लाई: 2025 में रीसाइक्लिंग सप्लाई स्थिर रही है, लेकिन भारत अब इसमें सबसे अहम फैक्टर बनकर सामने आ रहा है। इस साल करीब 200 टन सोना संगठित चैनलों में गिरवी रखा गया है।
अगर आर्थिक दबाव के चलते परिवार गिरवी रखा सोना बेचने लगें या लोग नया सोना खरीदने की बजाए पुराना आभूषण एक्सचेंज करने लगें, तो 2026 में अतिरिक्त सप्लाई से कीमतों पर दबाव आ सकता है।
गोल्ड मार्केट का मौजूदा हाल
IBJA की वाइस प्रेसिडेंट और Aspect Global Ventures की एग्जीक्यूटिव चेयरपर्सन अक्षा कम्बोज के मुताबिक, फिलहाल सोना ₹1,28,592 पर ट्रेड कर रहा है।
उन्होंने कहा, 'पिछले हफ्ते की लगातार बढ़त के बाद जो छोटी गिरावट आई थी। इसके बाद सोना एक बार फिर ऊपर जा रहा है। गिरावट सिर्फ थोड़ी देर की लग रही थी और जैसे ही ग्लोबल संकेत मजबूत हुए, खरीदार वापस आ गए। ट्रेंड अब भी पॉजिटिव है और यह बड़े आर्थिक बदलावों से ज्यादा निवेशकों की पोजिशनिंग से तय हो रहा है।'
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