सोने की कीमतों में 14 अप्रैल को देश और विदेश में तेजी देखने को मिली। विदेश में स्पॉट गोल्ड 0.78 फीसदी चढ़कर 4,782.53 डॉलर प्रति औंस चल रहा था। एक समय यह 1 फीसदी से ज्यादा चढ़ गया था। यूएस गोल्ड फ्यूचर्स में भी तेजी दिखी। इधर, इंडिया में कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स में शाम के कारोबार में गोल्ड फ्यूचर्स 0.81 फीसदी की तेजी के साथ 1,53,301 रुपये प्रति 10 ग्राम चल रहा था।
13 अप्रैल को एक हफ्ते के निचले स्तर पर आई थी कीमत
गोल्ड की कीमतें 13 अप्रैल को गिरकर एक हफ्ते के सबसे निचले स्तर पर आ गई थीं। इसकी वजह ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी का अमेरिका का ऐलान था। पिछले हफ्ते के आखिर में पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों की बातचीत बेनतीजा रही। इससे मध्यपूर्व में लड़ाई को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है।
मध्यपूर्व में तनाव घटने पर गोल्ड में आ सकती है तेजी
सैक्सो बैंक में कमोडिटी स्ट्रेटेजी के हेड ओले हैनसेन ने कहा, "फोकस मिडिल ईस्ट के डेवलपमेंट पर बना हुआ है। अगर मध्यपूर्व में तनाव कम होता है तो कीमती मेटल्स की कीमतों को सपोर्ट मिल सकता है। खासकर डॉलर में कमजोरी से सोने-चांदी की चमक बढ़ सकती है।"
डॉलर में कमजोरी के गोल्ड को मिल रहा सपोर्ट
अमेरिकी डॉलर गिरकर करीब एक महीने के निचले स्तर पर आ गया है। डॉलर में गिरावट आने पर सोने की चमक बढ़ जाती है। इसकी वजह यह है कि दूसरी करेंसी में सोना खरीदना सस्ता हो जाता है। हैनसेन ने कहा कि शॉर्ट टर्म में गोल्ड की कीमतें सीमित दायरे में रह सकती हैं।
इस साल 6300 डॉलर तक जा सकता है गोल्ड
एक्सपर्ट्स का मानना है कि मीडियम और लॉन्ग टर्म में गोल्ड में तेजी दिख सकती है। सोना इस साल 6,000 डॉलर प्रति औंस (1,88,604 रुपये प्रति 10 ग्राम) के लेवल पर पहुंच सकता है। जेपी मॉर्गन ने इस साल गोल्ड के 6,300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच जाने का अनुमान जताया है।
इस जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गया था गोल्ड
पिछले साल गोल्ड ने 64 फीसदी रिटर्न दिया। इस साल जनवरी के आखिर में गोल्ड की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी। उसके बाद उसमें तेज गिरावट आई। फरवरी के आखिर में अमेरिका-इजरायल की लड़ाई शुरू होने के बाद गोल्ड में कमजोरी दिखी थी। हालांकि, अब कीमतों में रिकवरी दिख रही है। आम तौर पर जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ने पर गोल्ड में तेजी आती है। लेकिन, अमेरिका-इजरायल लड़ाई से गोल्ड में नरमी आई है। इसकी वजह अमेरिका डॉलर में मजबूती रही है।
एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो में 10-15 फीसदी तक गोल्ड होना जरूरी है। इससे पोर्टफोलियो के डायवर्सिफिकेशन में मदद मिलती है। अगर आपके इनवेस्टमेंट पोर्टफोलियो में गोल्ड की हिस्सेदारी कम है तो आप गोल्ड में निवेश कर सकते हैं। गोल्ड ईटीएफ गोल्ड में निवेश का सबसे आसान तरीका है। घर बैठे गोल्ड ईटीएफ में निवेश किया जा सकता है।