Gold Price: भारत में 24 कैरेट 10 ग्राम सोने का भाव 1,28,000 रुपये के स्तर को पार कर गया है। सिर्फ एक किलो सोना जो कभी मारुति 800 के बराबर था, अब लैंड रोवर की कीमत तक पहुंच चुका है। 15 साल बाद प्राइवेट जेट की कीमत के बराबर पहुंच जाएगा। बिजनेसमैन हर्ष गोयंका चेयरमैन ऑफ RPG एंटरप्राइजेज ने एक मजेदार लेकिन गहरी सीख देने वाला पोस्ट शेयर किया है। जो आजकल सोशल मीडया में चर्चा का विषय बना हुआ है।
अगर आपने साल 1990 में 1 किलोग्राम सोना खरीदा होता, तो वह मारुति 800 की कीमत के बराबर था। आज के सोने के भाव से लैंड रोवर खरीद सकते हैं। वहीं, 15 साल बाद 1 किलोग्राम सोने की कीमत में प्राइवेट जेट खरीद पाएंगे। अगर आपने 1990 में एक किलो सोना संभालकर रखा होता, तो आज उसकी कीमत आपको करोड़ों का मालिक बना देती।
गोयंका ने बताया कि कैसे पिछले 30 सालों में सोने की कीमतों ने लोगों को हैरान कर दिया है। उन्होंने लिखा कि
2000: 1 किलो सोना = एस्टीम
2005: 1 किलो सोना = इनोवा
2010: 1 किलो सोना = फॉर्च्यूनर
2019: 1 किलो सोना = बीएमडब्ल्यू
2025: 1 किलो सोना = लैंड रोवर
और फिर उन्होंने मजाकिया अंदाज में लिखा कि सीख - 1 किलो सोना संभालकर रखो। 2030 में यह रोल्स-रॉयस के बराबर होगा और 2040 में शायद एक प्राइवेट जेट की कीमत के बराबर होगा। यह पोस्ट तब वायरल हुआ जब सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गईं। सोना आज 1.28 लाख रुपये के स्तर को पार कर गया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना $4,060 प्रति औंस के ऊपर चला गया।
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं भी मजेदार रहीं। एक यूजर ने लिखा कि जब सोना $4,000 पार कर गया, तो मैं और मेरा बेटा हंस पड़े। याद आया जब यह $1,000 पहुंचा था। अब तो समझ नहीं आता क्या हो रहा है। एक अन्य ने चुटकी ली और कहा कि $4,111 पर सोना देखकर क्या अब डांस करने का मन नहीं करता?
भारत के मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाले कॉन्ट्रैक्ट्स में सोना 1,22,284 रुपये प्रति 10 ग्राम तक चढ़ गया। इसकी वजह ग्लोबल मार्केट में तेजी, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें और धनतेरस से पहले मजबूत फेस्टिव डिमांड मानी जा रही है।
गोल्ड ETF में भी निवेशकों की दिलचस्पी तेजी से बढ़ी है। सितंबर 2025 में भारतीय गोल्ड ETF में 8,363 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो अगस्त के 2,190 करोड़ रुपये की तुलना में 282% ज्यादा है। कुल AUM अब 90,000 करोड़ रुपये पार कर चुका है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार भारत अब अमेरिका, ब्रिटेन और स्विट्जरलैंड के बाद गोल्ड ETF इनफ्लो में दुनिया का चौथा सबसे बड़ा हिस्सेदार बन गया है।