Gold Price Outlook: इस हफ्ते सोने-चांदी की चाल कैसी रहेगी? एक्सपर्ट्स से जानिए कौन से फैक्टर करेंगे तय
Gold Price Outlook: पिछले हफ्ते सोना और चांदी जोरदार दबाव में रहे, लेकिन क्या गिरावट अभी और बढ़ सकती है? इस हफ्ते कई अहम आंकड़ों के साथ वैश्विक तनाव की स्थिति कीमती धातुओं की दिशा तय कर सकती है।
अगले हफ्ते चीन और अमेरिका से व्यापार और महंगाई के आंकड़े आने हैं।
Gold Price Outlook: पिछला हफ्ता सोने और चांदी के लिए कमजोर रहा। अब निवेशकों की नजर पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमतों और दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से आने वाले अहम आंकड़ों पर रहेगी। एनालिस्टों का मानना है कि सोमवार 8 जून से शुरू हो रहे सप्ताह में यही फैक्टर्स सोने-चांदी की दिशा तय कर सकते हैं।
किन आंकड़ों पर रहेगी नजर?
अगले हफ्ते चीन और अमेरिका से व्यापार और महंगाई के आंकड़े आने हैं। इसके अलावा अमेरिका के कंज्यूमर सेंटिमेंट डेटा और भारत के CPI यानी खुदरा महंगाई के आंकड़ों पर भी बाजार की नजर रहेगी।
साथ ही यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) की मौद्रिक नीति से जुड़े फैसले भी अहम रहेंगे। निवेशक यह समझने की कोशिश करेंगे कि इन फैसलों का असर सोने, चांदी और दूसरी कमोडिटी पर क्या पड़ सकता है।
सोना-चांदी में क्यों आई गिरावट?
JM Financial Services के कमोडिटी और करेंसी रिसर्च प्रमुख प्रणव मेर का कहना है कि फिलहाल सोने और चांदी में कमजोरी का रुख बना हुआ है।
घरेलू बाजार में MCX पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना पिछले सप्ताह 5,317 रुपये यानी 3.3% गिरकर 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 18,461 रुपये यानी 7% टूटकर 2.48 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।
कच्चे तेल ने बढ़ाया दबाव
LKP Securities के रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी के मुताबिक पिछले सप्ताह कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने से निवेशकों का ध्यान सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने से हट गया। यही वजह रही कि सोने का प्रदर्शन कमजोर रहा।
उन्होंने कहा कि रुपये में आई मजबूती ने भी घरेलू बाजार में सोने और चांदी पर दबाव बढ़ाया। डॉलर के मुकाबले मजबूत रुपया अक्सर कीमती धातुओं की कीमतों को सीमित कर देता है।
विदेशी बाजारों में भी बिकवाली
गिरावट सिर्फ भारतीय बाजार तक सीमित नहीं रही। अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी में तेज बिकवाली देखने को मिली।
Comex पर सोना पिछले सप्ताह 227.7 डॉलर यानी करीब 5% गिरकर 4,365 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं चांदी 6.77 डॉलर यानी करीब 9% टूटकर 69.10 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
अमेरिका के मजबूत आंकड़ों का असर
प्रणव मेर के मुताबिक अमेरिका से आए मजबूत PMI और रोजगार बाजार के आंकड़ों ने यह संकेत दिया है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को उम्मीद से ज्यादा समय तक ऊंचे स्तर पर रख सकता है।
इसके अलावा मजबूत डॉलर और गोल्ड ETF से निवेशकों की निकासी ने भी सोने की कीमतों पर दबाव बनाया है।
रूस-यूक्रेन युद्ध पर भी नजर
एनालिस्टों का कहना है कि रूस और यूक्रेन के नेताओं की तरफ से संघर्ष खत्म होने की संभावनाओं के संकेत मिले हैं। इससे सुरक्षित निवेश की मांग कुछ कमजोर हुई है। इसका असर भी सोने और चांदी की कीमतों पर देखने को मिला।
अगले हफ्ते क्या रह सकता है ट्रेंड?
जतिन त्रिवेदी का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,400 से 4,500 डॉलर प्रति औंस के दायरे के नीचे बना रहता है, तो सोना और चांदी दबाव में रह सकते हैं।
उनके मुताबिक मजबूत रुपया, ऊंचे कच्चे तेल के दाम और निवेशकों का सतर्क रुख कीमतों में किसी बड़ी रिकवरी को फिलहाल मुश्किल बना सकता है। ऐसे में अगले सप्ताह सोने-चांदी की चाल काफी हद तक वैश्विक आर्थिक आंकड़ों और दुनिया भर के घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी।
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