Gold Price Outlook: अगले 6 महीने में 36% बढ़ेगा सोने का भाव! UBS ने गिरावट के बाद भी जताया भरोसा

Gold Price Outlook: जनवरी के रिकॉर्ड हाई से करीब 28% टूटने के बावजूद UBS को सोने पर भरोसा है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोना 5,500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। अगर ऐसा हुआ, तो मौजूदा स्तर से करीब 36% की तेजी देखने को मिल सकती है। जानिए वजह और भारत में कितने तक जाएगा सोने का भाव।

अपडेटेड Jun 24, 2026 पर 5:17 PM
UBS का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोना 5,500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है।

Gold Price Outlook: जनवरी में रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। हालांकि वैश्विक ब्रोकरेज UBS का मानना है कि यह कमजोरी अस्थायी है। कंपनी का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोना 5,500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। अभी गोल्ड का प्राइस 4046 डॉलर के करीब है। यानी UBS के मुताबिक, मौजूदा स्तर से सोने में करीब 36% की तेजी देखने को मिल सकती है।

UBS का कहना है कि मजबूत निवेश मांग, केंद्रीय बैंकों की लगातार खरीदारी और आगे चलकर डॉलर में संभावित कमजोरी सोने को सहारा दे सकती है।

जनवरी के रिकॉर्ड हाई से 28% नीचे


UBS की रिपोर्ट के मुताबिक, जून की शुरुआत तक सोना जनवरी में बने अपने रिकॉर्ड हाई से करीब 28% नीचे आ चुका था। ब्रोकरेज का कहना है कि हाल के महीनों में ऊंची ऊर्जा कीमतों, मजबूत अमेरिकी डॉलर और ब्याज दरों के लंबे समय तक ऊंचे बने रहने की आशंकाओं ने सोने पर दबाव डाला है।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण ऊर्जा कीमतें बढ़ीं, जिससे डॉलर मजबूत हुआ और अमेरिकी रियल यील्ड में भी तेजी आई। इन दोनों वजहों ने सोने की चमक कुछ समय के लिए फीकी कर दी।

मजबूत डॉलर और ऊंची ब्याज दरों का असर

UBS का कहना है कि जब ब्याज दरें ऊंची रहती हैं तो सोने जैसे ऐसे निवेश कम आकर्षक हो जाते हैं, जिन पर कोई ब्याज नहीं मिलता। वहीं डॉलर मजबूत होने से दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा पड़ता है, जिससे वैश्विक मांग पर असर पड़ता है।

पिछले कुछ समय से बाजार में यही स्थिति देखने को मिली है। इसी वजह से सोना दबाव में रहा और इसकी कीमतों में गिरावट आई।

फिर भी सोने पर भरोसा क्यों?

UBS का कहना है कि सोने की तेजी के पीछे मौजूद बड़े कारण अब भी बरकरार हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक, साल की पहली तिमाही में सोने की मांग मजबूत रही। इसके अलावा दुनिया भर के केंद्रीय बैंक लगातार सोना खरीद रहे हैं।

ब्रोकरेज का मानना है कि बढ़ता वैश्विक कर्ज, अमेरिका का लगातार बढ़ता राजकोषीय घाटा और केंद्रीय बैंकों की रिजर्व डायवर्सिफिकेशन रणनीति आने वाले वर्षों में सोने को सहारा देती रहेगी।

भारत में कितना बढ़ेगा भाव

UBS का अनुमान है कि 2026 के अंत तक सोना 5,500 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। अभी सोना करीब 4,046 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा है। यानी यहां से लगभग 36% की तेजी की संभावना जताई गई है।

भारत में सोने का भाव फिलहाल करीब ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम है। अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में इतनी ही तेजी आती है, तो घरेलू कीमतें ₹2 लाख प्रति 10 ग्राम के करीब पहुंच सकती हैं। हालांकि रुपये-डॉलर की चाल, आयात शुल्क और घरेलू मांग भी कीमतों को प्रभावित करेंगे।

आगे क्या रहेगा नजरिया?

UBS को उम्मीद है कि साल के आगे चलकर अमेरिकी डॉलर में कमजोरी आ सकती है। अगर ऐसा होता है तो सोने की कीमतों को नया सहारा मिल सकता है। इसके अलावा राजनीतिक अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक जोखिम भी निवेशकों को सुरक्षित निवेश के तौर पर सोने की ओर खींच सकते हैं।

ब्रोकरेज का कहना है कि हालिया गिरावट लंबी अवधि की तस्वीर को नहीं बदलती। यह सिर्फ थोड़े वक्त के दबाव का असर है। UBS अब भी निवेशकों को पोर्टफोलियो में सोने को जोखिम कम करने वाले निवेश के रूप में रखने की सलाह देता है।

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