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Gold Price: नए दौर में सोना, अब ब्याज दर की परवाह नहीं; मोतीलाल ओसवाल ने बताया आगे किस ओर जाएगा भाव

Gold Price: सोना अब सिर्फ महंगाई या ब्याज दर की कहानी नहीं रहा। मोतीलाल ओसवाल के मुताबिक 5,000 डॉलर के पार की तेजी स्ट्रक्चरल बदलाव का संकेत है। केंद्रीय बैंक खरीद, सीमित सप्लाई और वैश्विक जोखिम आगे भी भाव को सहारा दे सकते हैं। जानिए डिटेल।

Edited By: Suneel Kumarअपडेटेड Feb 25, 2026 पर 3:40 PM
Gold Price: नए दौर में सोना, अब ब्याज दर की परवाह नहीं; मोतीलाल ओसवाल ने बताया आगे किस ओर जाएगा भाव
बढ़ते सरकारी घाटे और केंद्रीय बैंकों पर राजनीतिक दबाव भी सोने को सपोर्ट दे रहे हैं।

Gold Price: सोना अब ऐसे स्टेज में पहुंच चुका है, जिसे एनालिस्ट स्ट्रक्चरल रीप्राइसिंग कह रहे हैं। यानी कीमतों में बदलाव सिर्फ मांग और सप्लाई का खेल नहीं है, बल्कि वैश्विक वित्तीय सिस्टम में गहरे बदलाव इसका कारण बन रहे हैं। निवेशक और केंद्रीय बैंक अब सोने को अलग नजर से देख रहे हैं।

Motilal Oswal Financial Services की Precious Metals Quarterly Report के मुताबिक 2026 की शुरुआत में सोने का 5,000 डॉलर प्रति औंस से ऊपर जाना केवल साइक्लिकल तेजी नहीं है। यह मौद्रिक भरोसे, रिजर्व मैनेजमेंट और फिजिकल सप्लाई के ढांचे में बदलाव का संकेत है।

ब्याज दरों के पुराने नियम टूटे

आमतौर पर सोना रियल इंटरेस्ट रेट के उलट चलता है। लेकिन 2023 से 2025 के बीच रियल रेट सकारात्मक रहने के बावजूद सोने की कीमतें बढ़ीं। रिपोर्ट कहती है कि बाजार अब इन रियल रिटर्न की स्थिरता पर भरोसा नहीं कर रहा, खासकर जब सरकारी कर्ज रिकॉर्ड स्तर पर है और राजकोषीय दबाव बढ़ रहे हैं।

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