Gold Price Outlook: रॉकेट बना सोना! ₹1.47 लाख के पार निकले दाम, खरीदें या करें इंतजार?

Gold Rate Forecast: कॉमेक्स पर स्पॉट गोल्ड का भाव 0.65% उछलकर $4,333.30 प्रति औंस पर पहुंच गया, जो 18 जून के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। वहीं भारतीय बाजार में MCX पर सोने का हाजिर भाव ₹1,47,647 प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू गया, जबकि अक्टूबर फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट 0.91% बढ़कर ₹1,49,843 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है

अपडेटेड Aug 06, 2026 पर 3:58 PM
बुलियन एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने का ₹1,46,000 का स्तर तोड़ना एक बड़ा ब्रेकआउट है

Gold Price Surge Analysis: वैश्विक बाजार से लेकर घरेलू बाजार तक सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। कॉमेक्स पर स्पॉट गोल्ड का भाव 0.65% उछलकर $4,333.30 प्रति औंस पर पहुंच गया, जो 18 जून के बाद का सबसे उच्चतम स्तर है। वहीं भारतीय बाजार में MCX पर सोने का हाजिर भाव ₹1,47,647 प्रति 10 ग्राम के स्तर को छू गया, जबकि अक्टूबर फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट 0.91% बढ़कर ₹1,49,843 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है।

बुलियन एक्सपर्ट्स का मानना है कि सोने का ₹1,46,000 का स्तर तोड़ना एक बड़ा ब्रेकआउट है, जिससे अब इसके ₹1,55,000 प्रति 10 ग्राम तक जाने के रास्ते खुल गए हैं।

सोने में तेजी के 4 मुख्य कारण


कमजोर अमेरिकी डॉलर: डॉलर इंडेक्स में नरमी आने से अन्य मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना सस्ता हो जाता है, जिससे वैश्विक मांग को मजबूती मिली है।

बॉन्ड यील्ड में गिरावट: अमेरिकी 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड घटने से बिना ब्याज देने वाले एसेट जैसे सोने को होल्ड करने की अपॉर्चुनिटी कॉस्ट कम हो जाती है, जिससे निवेशक बॉन्ड छोड़कर गोल्ड की तरफ रुख करते हैं।

ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद: क्रूड ऑयल में गिरावट से महंगाई की चिंताएं कम हुई हैं, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा आक्रामक दर बढ़ोतरी की आशंका घट गई है।

रुपये की कमजोरी: भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 95.17 के स्तर पर आ गया है। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना इंपोर्ट करता है, इसलिए रुपया कमजोर होने पर घरेलू बाजार में सोना अपने आप महंगा हो जाता है।

आगे क्या रहेगा रुख? इन ट्रिगर्स पर रखें नजर

इस हफ्ते आने वाले अमेरिकी जॉब्स रिपोर्ट पर बाजार की पैनी नजर रहेगी। अगर रोजगार के आंकड़े उम्मीद से मजबूत आते हैं, तो डॉलर मजबूत हो सकता है जिससे सोने में थोड़ी मुनाफावसूली दिख सकती है। अमेरिकी केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति और ब्याज दरों के रुख पर सोने की चाल काफी हद तक निर्भर करेगी।

साथ ही अमेरिका-ईरान शांति प्रक्रिया और मध्य-पूर्व के हालात पर निवेशक नजर बनाए हुए हैं। किसी भी अनिश्चितता की स्थिति में सेफ हेवन एसेट के रूप में सोने की मांग बनी रहेगी।

इन्वेस्टर्स के लिए सलाह: क्या अभी खरीदें?

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, सोने का ओवरऑल ट्रेंड बेहद पॉजिटिव और 'Buy on Dip' यानी हर गिरावट पर खरीदारी का बना हुआ है। जो निवेशक लंबे समय के लिए पोर्टफोलियो में विविधता लाना चाहते हैं, वे इसमें SIP या गिरावट के समय चरणबद्ध तरीके से निवेश जारी रख सकते हैं।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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