Gold Price Alert: आदित्य बिड़ला ग्रुप के ज्वैलरी ब्रांड 'इंद्रिया' (Indriya) के सीईओ संदीप कोहली ने सोने को लेकर एक बड़ी बात कही है। मनीकंट्रोल को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि गोल्ड पर कस्टम ड्यूटी बढ़ने के बाद मई महीने में बाजार थोड़ा सुस्त जरूर हुआ था, लेकिन अब ग्राहकों की डिमांड बहुत मजबूती से वापस लौट आई है।
संदीप कोहली ने कहा, 'कस्टम ड्यूटी में 9 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद लोग नए भाव को समझने के लिए थोड़ा रुक गए थे। पूरे ज्वैलरी उद्योग में ग्राहकों की चहल-पहल थोड़ी धीमी हो गई थी, लेकिन पिछले दो हफ्तों में मांग बहुत तेजी से बढ़ी है।'
क्यों आई थी सुस्ती और अब क्यों लौट रही है रौनक?
सरकार ने मई महीने में सोने के इंपोर्ट पर कस्टम ड्यूटी को 6 फीसदी से सीधे बढ़ाकर 15 फीसदी कर दिया था। सरकार का मकसद विदेशों से सोने की खरीद को कम करना और देश के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव घटाना था। इस 9% की सीधी बढ़ोतरी से अचानक सोना महंगा हो गया था।
वैसे कस्टम ड्यूटी बढ़ने के बाद अब सोने की कीमतों में आ रही हालिया गिरावट भी ग्राहकों को दोबारा शोरूम तक खींच रही है। दिल्ली में 22 कैरेट सोने का भाव ₹13244 प्रति ग्राम और मुंबई में ₹13229 प्रति ग्राम पर आ गया है, जिससे खरीदारों को राहत मिली है।
'भारतीयों के लिए सोना सिर्फ निवेश नहीं, संस्कृति है'
जब उनसे पूछा गया कि क्या कीमतें बढ़ने से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की साख कम हुई है? तो कोहली ने साफ मना कर दिया। उन्होंने कहा, 'भारत में ज्वैलरी की मांग कभी खत्म नहीं हो सकती क्योंकि यह हमारी संस्कृति का हिस्सा है। कमोडिटी की कीमतें कैसी भी हों, ग्राहक दूसरे निवेशों के मुकाबले इसके रिटर्न का आकलन जरूर करते हैं, लेकिन मांग हमेशा बनी रहती है।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि अब ग्राहक खास डिजाइन वाले गहने ज्यादा पसंद कर रहे हैं।
तेजी से पैर पसार रहा है 'इंद्रिया' ब्रांड
साल 2024 में लॉन्च हुआ यह ब्रांड देश का सबसे तेजी से बढ़ता रिटेल ब्रांड बन गया है। फिलहाल 40 से ज्यादा शहरों में इसके 81 स्टोर्स हैं और फाइनेंशियल ईयर 2027 में कंपनी 40 नए स्टोर्स और खोलने की योजना बना रही है। कंपनी ने अपने स्टोर्स में 'स्पार्कलस्कोप' नाम की एक नई तकनीक लॉन्च की है। इसके जरिए ग्राहक खुद देख सकेंगे कि उनके हीरे में कितनी चमक है।
भारत के ₹8,000 करोड़ के ज्वैलरी मार्केट में डायमंड-स्टडेड गहनों की हिस्सेदारी 11 फीसदी है, लेकिन 'इंद्रिया' के लिए यह हिस्सेदारी दोगुनी यानी 22 फीसदी है। आजकल बाजार में लैब में तैयार होने वाले हीरे का चलन बढ़ रहा है। जैसे कि टाटा ग्रुप के 'टाइटैन' ने पिछले साल दिसंबर में लैब-ग्रोन डायमंड कैटेगरी में कदम रखा है। लेकिन इसके उलट, 'इंद्रिया' पूरी तरह से नेचुरल हीरों पर ही फोकस कर रहा है।
संदीप कोहली का मानना है कि ग्राहकों के लिए हीरे की क्वालिटी (4Cs) के साथ-साथ उसकी चमक सबसे पहले मायने रखती है, और उनकी नई तकनीक इसी पर फोकस करती है।