Gold price today: गोल्ड की कीमतों में फिर जोरदार तेजी, 2% तक बढ़ा भाव; एक्सपर्ट भी बुलिश
Gold price today: सोने में करीब 2% की तेजी आई है और एक्सपर्ट इसे लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए बेहतर मौका मान रहे हैं। गोल्ड अपने रिकॉर्ड हाई से नीचे है, लेकिन मजबूत सपोर्ट और संभावित रैली के संकेत बाजार में फिर पॉजिटिव सेंटिमेंट पैदा कर रहे हैं। जानिए भारत और अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड का रेट और आगे का आउटलुक।
MCX पर दोपहर 2.30 बजे तक गोल्ड का रेट 1.80% की बढ़त के साथ 1,23,250 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था।
Gold price today: सोने की कीमतों में एक बार फिर जोरदार तेजी देखने को मिली रही है। सोमवार, 10 नवंबर को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार, दोनों में गोल्ड का रेट करीब 2% तक बढ़ गया। सोने में हालिया कमजोरी के बावजूद एक्सपर्ट का मानना है कि यह लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स के लिए अच्छा मौका है। एक्सपर्ट के मुताबिक, सोने की मजबूती बरकरार है और मौजूदा गिरावट का फायदा उठाया जा सकता है।
रिकॉर्ड ऊंचाई से फिसला था सोना
सोना 20 अक्टूबर को इंट्रा-डे में 4,381.5 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया था, जो उसके 200-डे मूविंग एवरेज (DMA) से 33.3% ऊपर था। मई 2006 के बाद पहली बार सोना इतनी ऊंचाई पर गया। इसके बाद बाजार में मुनाफावसूली शुरू हुई और कीमतें नीचे आईं।
गोल्ड सोमवार, 10 नवंबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोपहर 10 बजे तक 2.08% की बढ़त के साथ 4,084 डॉलर प्रति औंस पर था। इसका मतलब कि सोना अभी भी अपने रिकॉर्ड हाई से 6.78% नीचे है।
Jefferies के ग्लोबल हेड ऑफ इक्विटी स्ट्रैटेजी Christopher Wood ने अपनी रिपोर्ट GREED & fear में लिखा कि अगर सोना और नीचे आता है, तो यह एंट्री का अच्छा मौका होगा। उनके मुताबिक, 200-DMA फिलहाल 3,371 डॉलर/औंस पर है, जो हालिया पीक से करीब 23.1 प्रतिशत कम है।
एक साल में सोना 53% चढ़ा
पिछले एक साल में सोना सबसे मजबूत एसेट क्लास में रहा है। इसकी कीमतें 53.3% बढ़ी हैं। अमेरिका के कड़े टैरिफ, भू-राजनीतिक तनाव और सुरक्षित निवेश की तलाश ने सोने की मांग को बढ़ाया। इसके अलावा, हाल के महीनों में केंद्रीय बैंकों की भारी खरीदारी ने भी सोने को सपोर्ट दिया है।
World Gold Council (WGC) की Marissa Salim के मुताबिक, इस साल अब तक (YTD) दुनिया भर में कुल 200 टन सोना खरीदा गया है। यह 2024 की समान अवधि (215 टन) से थोड़ा कम है। 2025 में सबसे ज्यादा खरीद करने वाले देश हैं- पोलैंड (67 टन), कजाखस्तान (40 टन) और अजरबैजान (38 टन)।
गोल्ड का आउटलुक कैसा है?
एनालिस्ट लॉन्ग टर्म में गोल्ड को लेकर पॉजिटिव हैं, लेकिन शॉर्ट-टर्म में कीमतों में कंसोलिडेशन की उम्मीद जताई जा रही है। बैंकिंग कंपनी Julius Baer का अनुमान है कि सोना अब 'मल्टी-मंथ कंसोलिडेशन फेज' में है और इसमें अधिकतम 3,500 डॉलर/औंस तक गिरावट देखने को मिल सकती है।
Julius Baer के ग्रुप CIO Yves Bonzon ने कहा कि वे गिरावट पर खरीदारी के पक्ष में हैं, क्योंकि विकसित अर्थव्यवस्थाओं में फिस्कल प्रेशर बढ़ रहा है। साथ ही, G7 की मुद्राओं की कमजोर स्थिति जल्दी सुधरने की संभावना नहीं है।
कमजोर अमेरिकी डेटा से सोने को सपोर्ट
हाल के दिनों में बाजार की धारणा सोने के पक्ष में इसलिए भी बदली है क्योंकि University of Michigan का कंज्यूमर सेंटिमेंट इंडेक्स नवंबर में गिरकर 50.3 पर आ गया। यह मध्य 2022 के बाद सबसे निचला स्तर है। जब कंज्यूमर सेंटिमेंट इंडेक्स इतने निचले स्तर पर पहुंचता है। इसके संकेत निराशाजनक होते हैं।
लोग अपनी आय, नौकरी और खर्च करने की क्षमता को लेकर अनिश्चित हैं। वे बड़े खर्च टालते हैं, जिससे अर्थव्यवस्था की ग्रोथ पर दबाव आ रहा। अमेरिकी अर्थव्यवस्था की दिशा को लेकर डर बढ़ रहा है। यही वजह है कि सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग फिर बढ़ गई।
एक्सपर्ट का मानना है कि डॉलर और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में आई कमजोरी ने सोने को सपोर्ट दिया है। हालांकि, अगर अमेरिकी सरकार के लंबे शटडाउन पर समाधान निकलता है, तो वित्तीय स्थिरता बढ़ने से सोने की तेजी थोड़ी कम भी हो सकती है।
गोल्ड टेक्निकल व्यू: कहां मिलेगा सपोर्ट
वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) के मुताबिक, सोने का पहला महत्वपूर्ण सपोर्ट इसके 55-डे एवरेज और 2022 की लो से शुरू हुई रैली के शुरुआती Fibonacci retracement के पास है। दोनों लगभग 3,800 डॉलर/औंस पर स्थित हैं। एक्सपर्ट का मानना है कि कि इस लेवल पर ‘डिप बायर्स’ सक्रिय होंगे।
लॉन्ग टर्म का मजबूत सपोर्ट 3,500 डॉलर/औंस का अप्रैल पीक है। अगर सोना यहां तक गिरता है, तो यह 2020 और 2022 जैसी गिरावट के बराबर होगी। यह मौजूदा स्तर से 14.30% गिरावट होगी।
अगर सोना ऊपर बढ़ता है, तो WGC के अनुसार अगले रेजिस्टेंस लेवल 4,420 डॉलर/औंस, फिर 4,500-4,520 डॉलर/औंस और उसके बाद 4,675 डॉलर/औंस पर दिखते हैं। अगर गोल्ड 4,675 डॉलर/औंस तक जाता है, तो यह 14.47% की संभावित तेजी होगी।
भारत में गोल्ड का रेट
MCX पर दोपहर 2.30 बजे तक गोल्ड का रेट 1.80% की बढ़त के साथ 1,23,250 रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के हिसाब अगर सोना अपने मजबूत सपोर्ट पर आता है, तो भारतीय बाजार में कीमत 1.05 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम आती है। अगर यह सबसे अहम रेजिस्टेंस लेवल तक जाता है, तो दाम 1.41 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंच सकता है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।