Gold Price Today: नए साल की शुरुआत के साथ ही सोने के दाम में तेजी जारी है। अब साल 2025 में सोने का भाव 80,000 रुपये के स्तर को पार कर गया है। दिल्ली, राजस्थान, यूपी, हरियाणा जैसे राज्यों में 24 कैरेट सोने का भाव 80,200 रुपये के ऊपर कारोबार कर रहा है। वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव 73,500 रुपये के ऊपर है। ये भाव 10 ग्राम सोने का है। आपको बता दें देश में ज्यादातर ज्वैलरी 22 कैरेट सोने में बनाई जाती है। 22 कैरेट सोने का भाव चढ़ने का असर सीधे बायर्स पर आएगा। क्या अब सोना जल्द नए पीक पर पहुंचेगा? गोल्ड का पिछला पीक पिछले साल था, जब ये 82,000 रुपये के स्तर को पार कर गया था।
14 जनवरी 2025 को महंगी हुई चांदी
देश में एक किलोग्राम चांदी का दाम 94,500 रुपये पर पहुंच गया है। हालांकि, साल 2024 में एक किलोग्राम चांदी का भाव 1,00,000 रुपये को पार कर गया था। चांदी का भाव अभी तक अपने पुराने पीक पर दोबारा लौटकर नहीं आया है। अब देखना होगा कि क्या चांदी भाव होली से पहले 1,00,000 रुपये के स्तर पर जाएगा।
शादी के सीजन में सोने की बढ़ती मांग
शादी के सीजन में सोने की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे इसकी कीमतें भी ऊपर जा रही हैं। लोग सोना न सिर्फ गहने बनाने के लिए, बल्कि सुरक्षित निवेश के तौर पर भी खरीद रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में मजबूती और निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी ने इसकी कीमत को और बढ़ावा दिया है। आर्थिक अनिश्चितताओं के समय सोना लोगों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बन जाता है।
क्या सोना 85,000 रुपये के स्तर को जल्द करेगा पार?
सोने की कीमतें रुपये की कमजोरी के चलते भी बढ़ रही हैं। इसके अलावा, अमेरिका के आर्थिक आंकड़े, जैसे बेरोजगारी दर और पीएमआई रिपोर्ट, आने वाले हफ्तों में सोने की कीमतों पर असर डाल सकते हैं। निवेश करने वालों की संख्या बढ़ने से सोने की कीमतें जल्द ही 80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
14 जनवरी 2025 को ये रहा सोने का रेट
देश में कैसे तय होती है सोने की कीमत?
भारत में सोने की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमत, रुपये और डॉलर का एक्सचेंज रेट, आयात शुल्क और देश की मांग-आपूर्ति के आधार पर तय होती है। शादी के सीजन और त्योहारों के समय सोने की मांग बढ़ने से कीमतों में तेजी आती है। ये पिछले सालों का ट्रेंड रहा है। इसके अलावा, वैश्विक बाजार में सोने के भाव, जैसे न्यूयॉर्क और लंदन के बुलियन मार्केट, भारत में सोने की कीमतों को सीधे प्रभावित करते हैं।