सोने (Gold Prices) में फरवरी के मध्य से तेजी का रुख है। 21 मार्च को सोने का भाव अंतरराष्ट्रीय बाजार में 2200 डॉलर प्रति औंस के पार हो गया। एक्सपर्ट्स का कहना है कि सोने का भाव 2024 में हाई बना रहेगा। सोने में ज्यादा तेजी इस साल की दूसरी छमाही में देखने को मिलेगी। BMI-Fitch India Ratings की रिपोर्ट में कहा गया है कि सोने में तेजी के पीछे अमेरिका में इंटरेस्ट रेट में कमी का हाथ होगा। अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ने संकेत दिए हैं कि इस साल इंटरेस्ट रेट में तीन बार कटौती होगी। इसके अलावा जियोपॉलिटिकल रिस्क बढ़ा है। डॉलर में भी कमजोरी है।
फेडरल रिजर्व की इंटरेस्ट रेट कटौती पर निगाहें
गोल्ड की कीमतों में कितनी तेजी आएगी, यह इस बात पर निर्भर करता है कि फेडरल रिजर्व किस तेजी से इंटरेस्ट रेट में कमी करता है। इकोनॉमिस्ट्स का मानना है कि फेड जून में इंटरेस्ट रेट में पहली कटौती कर सकता है। इस साल के अंतर तक अमेरिकी में इंटरेस्ट रेट के 100 बेसिस प्वाइंट्स घटकर 4.5 फीसदी पर आ जाने का अनुमान है। बैंक रेट का अट्रैक्शन घटने से इनवेस्टर्स सोने में इनवेस्ट करेंगे।
वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती की आंशका
शेयर बाजार में लगातार तेजी की वजह से वैल्यूएशन बहुत बढ़ गई है। हालांकि, वैश्विक अर्थव्यवस्था में सुस्ती का खतरा बना हुआ है। चीन की इकोनॉमी में सुस्ती भी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर असर डाल सकती है। उधर, रूस और यूक्रेन के बीच लड़ाई खत्म होती नहीं दिख रही है। मध्यपूर्व में भी टकराव की वजह से माल ढुलाई करने वाले समुद्री जहाजों को अपना रास्ता बदलने को मजबूर होना पड़ा है। इसका असर सप्लाई चेन पर पड़ रहा है।
स्टॉक मार्केट में उतार-चढ़ाव बढ़ने के आसार
फिलहाल, स्टॉक मार्केट्स पर जियोपॉलिटिकल रिस्क का ज्यादा असर नहीं दिख रहा है। लेकिन, एक्सपर्ट्स का कहना है कि आगे स्टॉक मार्केट में उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। ऐसा होने पर इनवेस्टर्स गोल्ड में निवेश में दिलचस्पी दिखा सकते हैं। इसका असर गोल्ड की कीमतों पर पड़ेगा। सोने को निवेश का सबसे सुरक्षित जरिया माना जाता है।
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