FD में अभी पैसा लगाएं या ब्याज दर पर RBI के फैसले का करें इंतजार? जानिए एक्सपर्ट्स से

FD में निवेश करने वालों के सामने बड़ा सवाल है कि अभी पैसा जमा करें या RBI की अगली पॉलिसी का इंतजार करें। एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा ब्याज दरें अब भी आकर्षक हैं और एक खास स्ट्रैटेजी निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प बन सकती है। जानिए डिटेल।

अपडेटेड May 18, 2026 पर 11:08 PM
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एक्सपर्ट्स निवेशकों को Deposit Laddering अपनाने की सलाह भी दे रहे हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने के बाद बाजार में फिर से महंगाई बढ़ने की चिंता शुरू हो गई है। इसी वजह से फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD में निवेश करने वाले लोग सोच रहे हैं कि क्या अभी मौजूदा ब्याज दरों पर पैसा जमा कर देना चाहिए या फिर RBI की अगली मॉनेटरी पॉलिसी मीटिंग का इंतजार करना बेहतर रहेगा।

ज्यादातर एक्सपर्ट्स का मानना है कि RBI अगली पॉलिसी मीटिंग में ब्याज दरों और अपने रुख में कोई बदलाव नहीं करेगा। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए केंद्रीय बैंक फिलहाल सतर्क रह सकता है।

ब्याज दर पर क्या रहेगा RBI का रुख


Crisil के चीफ इकॉनमिस्ट धर्मकीर्ति जोशी का कहना है कि RBI फिलहाल रेपो रेट और पॉलिसी स्टांस में बदलाव नहीं करेगा। उनके मुताबिक अगर पश्चिम एशिया का तनाव लंबा चलता है या और बढ़ता है, तो महंगाई का खतरा भी बढ़ सकता है।

हालांकि अभी CPI आधारित महंगाई और कोर इंफ्लेशन दोनों RBI के कम्फर्ट जोन में हैं। इसी वजह से केंद्रीय बैंक फिलहाल ‘वेट एंड वॉच’ रणनीति अपना सकता है।

Stable Money के को-फाउंडर और CEO सौरभ जैन ने भी कहा कि RBI अभी महंगाई, लिक्विडिटी और व्यापक आर्थिक हालात पर नजर रखते हुए सतर्क रुख बनाए रख सकता है।

RBI की बातों पर भी रहेगी नजर

EY India के टैक्स और इकॉनमिक पॉलिसी ग्रुप के पार्टनर रजनीश गुप्ता का कहना है कि इस बार RBI क्या बोलता है, उस पर भी बाजार की नजर रहेगी। उनके मुताबिक RBI को यह साफ संदेश देना होगा कि वह महंगाई को लेकर सतर्क है, लेकिन बाजार में घबराहट भी नहीं फैलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि फिलहाल ब्याज दरें स्थिर रह सकती हैं, लेकिन जून की MPC बैठक तक हालात काफी बदल भी सकते हैं।

FD निवेशकों को क्या करना चाहिए?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि हाल के महीनों में थोड़ी नरमी आने के बावजूद FD की ब्याज दरें अभी भी अच्छी बनी हुई हैं। ऐसे में सिर्फ भविष्य में रेट बदलने की उम्मीद में निवेश टालना जरूरी नहीं है।

सौरभ जैन का कहना है कि निवेशकों को मौजूदा ब्याज दरों को लॉक करने पर विचार करना चाहिए। वहीं BankBazaar के CEO आदिल शेट्टी ने कहा कि अगर अगले कुछ महीनों तक दरें स्थिर रहती हैं, तो जून की बैठक का इंतजार करने से ज्यादा फायदा नहीं मिलेगा।

उनके मुताबिक अभी की दरों पर निवेश करना समझदारी हो सकती है, क्योंकि आगे ब्याज दरों में कटौती जरूरी नहीं है। यानी निवेशकों के पास फिलहाल स्थिर और अच्छे रिटर्न सुरक्षित करने का मौका है।

क्या है Deposit Laddering?

एक्सपर्ट्स निवेशकों को Deposit Laddering अपनाने की सलाह भी दे रहे हैं। इसका मतलब है कि पूरी रकम एक ही FD में लगाने के बजाय अलग-अलग अवधि की FD में बांट दी जाए।

इससे अलग-अलग समय पर FD मैच्योर होती रहती हैं और निवेशकों को जरूरत पड़ने पर पैसा निकालने, दोबारा निवेश करने या बेहतर विकल्प मिलने पर पैसा शिफ्ट करने की सुविधा मिलती है।

इसके अलावा Laddering से ब्याज दरों के सही समय का अनुमान लगाने का दबाव भी कम हो जाता है, क्योंकि पूरा निवेश एक ही ब्याज दर चक्र पर निर्भर नहीं रहता।

आगे भी रहेगा कमाई का मौका

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर भविष्य में RBI के फैसलों की वजह से FD की ब्याज दरें और बेहतर होती हैं, तो निवेशक बाद में भी अपनी जमा राशि को दोबारा निवेश या अपग्रेड कर सकते हैं।

ऐसे में सिर्फ इस उम्मीद में इंतजार करना कि आगे और बेहतर दरें मिलेंगी, मौजूदा अच्छे रिटर्न का मौका गंवाने जैसा हो सकता है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

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