Gold Rates Today: गोल्ड में 17 जुलाई को रिकवरी दिखी। हालांकि, इस हफ्ते गोल्ड में बड़ी गिरावट दिख रही है। 16 जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड का प्राइस 4000 डॉलर से नीचे चला गया था। शुक्रवार को स्पॉट गोल्ड 0.8 फीसदी चढ़कर 4,002.39 डॉलर प्रति औंस था। यूएस फ्यूचर्स भी (अगस्त डिलीवरी) 0.4 फीसदी चढ़कर 4,006.10 डॉलर प्रति औंस था। इधर, भारत में भी गोल्ड फ्यूचर्स में तेजी दिखी। कमोडिटी एक्सचेंज एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स 0.13 फीसदी यानी 180 रुपये चढ़कर 1,40,528 रुपये प्रति 10 ग्राम पर चल रहा था।
1 जून के बाद यह गोल्ड के लिए सबसे खराब हफ्ता
गोल्ड के लिए यह हफ्ता खराब दिख रहा है। सोना इस हफ्ते अब तक 3 फीसदी गिर चुका है। 1 जून के बाद एक हफ्ते में सोने की कीमतों में यह सबसे बड़ी गिरावट है। गोल्ड की कीमतों पर अमेरिका-ईरान की लड़ाई का असर पड़ा है। इस लड़ाई की वजह से क्रूड की कीमतों में फिर से उछाल आया है। इससे अमेरिका में फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट बढ़ाने की संभावना बढ़ी है।
कीमतें 4000 डॉलर से नीचे जाने पर दिखी खरीदारी
केसीएम ट्रेड में चीफ मार्केट एनालिस्ट टिम वाटरर ने कहा, "गोल्ड की कीमतें 4,000 डॉलर से नीचे फिसलने के बाद इसमें खरीदारी दिखी है। इससे कीमतों में रिकवरी है। हालांकि, मध्यपूर्व में अभी तनाव बना हुआ है। इनफ्लेशन और यील्ड की चिंता से गोल्ड की कीमतें ऊपर नहीं जा पा रही हैं।" बीते कुछ हफ्तों में सोने पर लगातार दबाव दिखा है।
जुलाई के इनफ्लेशन डेटा पर दिखेगा महंगे क्रूड का असर
एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका में जुलाई के इनफ्लेशन के डेटा में महंगे क्रूड का असर दिख सकती है। इनफ्लेशन में उछाल आने पर अमेरिकी केंद्रीय बैक सितंबर में इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकता है। फेड के नए चेयरमैन केविन वार्श पहले ही आक्रामक मॉनेटरी पॉलिसी के संकेत दे चुके हैं। फेड की कोशिश महंगाई को काबू में करने की होगी।
गोल्ड ऑल-टाइम हाई से 30 फीसदी फिसल चुका है
इस साल जनवरी के आखिर में सोने की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थीं। उसके बाद कीमतों में तेज गिरावट आई। 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान की लड़ाई शुरू होने के बाद गोल्ड पर दबाव और बढ़ गया। गोल्ड अपने पीक से 30 फीसदी गिर चुका है। 2025 गोल्ड के लिए बहुत अच्छा साल था। पिछले साल गोल्ड में 70 फीसदी तेजी दिखी थी। इससे गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी थी।