Gold-Silver ETF: 3% टूटा गोल्ड ETF, सिल्वर फंड 6% क्रैश; जानिए वजह

Gold-Silver ETF: सोने और चांदी को सुरक्षित निवेश माना जाता है, लेकिन सोमवार को इनसे जुड़े ETF में बड़ी गिरावट देखने को मिली। आखिर ऐसा क्या हुआ कि गोल्ड ETF 3% तक टूट गए और सिल्वर ETF में 6% से ज्यादा की गिरावट आ गई? जानिए डिटेल।

अपडेटेड Jun 08, 2026 पर 3:43 PM
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सिल्वर ETF में गिरावट गोल्ड ETF के मुकाबले कहीं ज्यादा रही।

Gold-Silver ETF: सोने और चांदी में निवेश करने वाले ETF निवेशकों के लिए सोमवार, 8 जून का दिन भारी रहा। वैश्विक बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव बढ़ने के बाद भारत में भी गोल्ड और सिल्वर ETF में तेज गिरावट देखने को मिली। ज्यादातर गोल्ड ETF 2% से 3% तक टूट गए, जबकि सिल्वर ETF में 6% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

गोल्ड ETF में 3% तक की गिरावट

गोल्ड ETF की बात करें तो टाटा गोल्ड ETF 2.53% गिरकर 14.62 रुपये पर आ गया। निप्पॉन इंडिया ETF गोल्ड BeES 2.64% टूटकर 124.41 रुपये पर पहुंच गया। ग्रो गोल्ड ETF 2.45% की गिरावट के साथ 14.71 रुपये पर कारोबार करता दिखा। जेरोधा गोल्ड ETF 2.67% फिसलकर 23.67 रुपये पर आ गया।


आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल गोल्ड ETF 2.68% गिरकर 128.74 रुपये पर पहुंच गया। एसबीआई गोल्ड ETF 2.70% टूटकर 128.25 रुपये पर आ गया, जबकि एचडीएफसी गोल्ड ETF 2.61% की गिरावट के साथ 128.57 रुपये पर कारोबार कर रहा था।

सिल्वर ETF में ज्यादा दबाव

सिल्वर ETF में गिरावट गोल्ड ETF के मुकाबले कहीं ज्यादा रही। टाटा सिल्वर ETF 6.19% टूटकर 23.17 रुपये पर आ गया। निप्पॉन इंडिया सिल्वर ETF 6.26% गिरकर 228.34 रुपये पर पहुंच गया।

जेरोधा सिल्वर ETF 6.26% फिसलकर 24.26 रुपये पर आ गया, जबकि ग्रो सिल्वर ETF 6.09% की गिरावट के साथ 23.42 रुपये पर कारोबार कर रहा था। एचडीएफसी सिल्वर ETF 6.42% टूटकर 227.90 रुपये पर पहुंच गया।

गिरावट की वजह क्या है?

लेमन मार्केट्स डेस्क के रिसर्च एनालिस्ट गौरव गर्ग के मुताबिक, अमेरिका से उम्मीद से बेहतर आर्थिक आंकड़े आने के बाद महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ी है। इससे सोने और चांदी जैसी सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली धातुओं का आकर्षण कुछ कम हुआ है।

उनका कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, खासकर इजरायल से जुड़े हालिया घटनाक्रमों ने भी बाजार में उतार-चढ़ाव बढ़ाया है। इसका असर निवेशकों की धारणा पर भी पड़ा है।

कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल

गौरव गर्ग के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें करीब 4% बढ़कर 94.16 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई हैं। सप्लाई में रुकावट की आशंकाओं ने महंगाई को लेकर चिंताएं और बढ़ा दी हैं।

निवेशकों ने की मुनाफावसूली

बाजार से जुड़े जानकारों का कहना है कि महंगाई बढ़ने की आशंका, लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें बने रहने की उम्मीद और अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती के कारण निवेशकों ने सोने और चांदी में मुनाफावसूली शुरू कर दी।

इसी वजह से गोल्ड और सिल्वर ETF में व्यापक बिकवाली देखने को मिली। खासकर सिल्वर ETF में 6% से ज्यादा की गिरावट यह दिखाती है कि वैश्विक अनिश्चितता के बीच निवेशक फिलहाल कीमती धातुओं को लेकर ज्यादा सतर्क नजर आ रहे हैं।

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