Gold Silver Buying: जून में सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, डिस्काउंट रेट पर खरीदें या अभी और टूटेगा भाव? जानें एक्सपर्ट्स की राय
Gold Silver Buying Strategy: जून में सोना अपने ऊपरी स्तरों से लगभग 6.50% से ज्यादा टूट चुका है, जबकि चांदी में 11% से अधिक की भारी गिरावट देखी गई है। ऐसे में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि, क्या यह खरीदारी करने का सही मौका है, या अभी कीमतों में और गिरावट आएगी? जानिए एक्सपर्ट्स की क्या है राय
इस महीने सोना अपने ऊपरी स्तरों से लगभग 6.50% से ज्यादा टूट चुका है
Gold Silver Buying Strategy: अगर आप भी सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं या पहले से निवेश कर रखा है, तो बुलियन मार्केट में इस समय बड़ी हलचल मची है। लगातार रिकॉर्ड ऊंचाई छूने के बाद, जून 2026 में सोने और चांदी की कीमतों में करीब एक दशक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने सोना अपने ऊपरी स्तरों से लगभग 6.50% से ज्यादा टूट चुका है, जबकि चांदी में 11% से अधिक की भारी गिरावट देखी गई है। ऐसे में निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि, क्या यह खरीदारी करने का सही मौका है, या अभी कीमतों में और गिरावट आएगी? आइए आपके इन्हीं सवालों के जवाब एक्सपर्ट्स से जानते हैं।
पहले जानिए क्यों आई सोने-चांदी की कीमतों में इतनी बड़ी गिरावट?
कमोडिटी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में बाजार का रुख पूरी तरह बदल गया है। गिरावट के पीछे 3 सबसे बड़े कारण हैं:
यूएस-ईरान शांति समझौता: अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच अंतरिम शांति समझौते के संकेतों से ग्लोबल मार्केट में अनिश्चितता कम हुई है। युद्ध का डर घटने से निवेशकों ने सेफ-हेवन यानी सुरक्षित निवेश यानी सोने से पैसा निकालना शुरू कर दिया है।
मजबूत अमेरिकी डॉलर: डॉलर इंडेक्स इस समय अपने एक साल के उच्चतम स्तर पर है। डॉलर के मजबूत होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोनेपर दबाव बढ़ जाता है।
फेडरल रिजर्व का कड़ा रुख: अमेरिकी केंद्रीय बैंक की तरफ से ब्याज दरों को लंबी अवधि तक ऊंचा रखने के संकेतों ने बिना ब्याज वाले सोने-चांदी के आकर्षण को कम कर दिया है।
एक्सपर्ट्स की राय: अभी खरीदें या इंतजार करें?
1. नए निवेशकों के लिए सलाह: एकमुश्त पैसा न लगाएं
एनालिस्ट्स का मानना है कि यह गिरावट नए निवेशकों के लिए एक बेहतरीन अवसर है, लेकिन उन्हें एक साथ पूरा पैसा लगाने से बचना चाहिए।
'हालिया गिरावट निवेशकों के लिए धीरे-धीरे अपनी पोजीशन बनाने का एक अच्छा मौका है। अगले 6 से 12 महीनों के लिए Gold ETF या Silver ETF में एसआईपी के जरिए निवेश करना सबसे सुरक्षित रणनीति होगी। 2026 की दूसरी छमाही में सेंट्रल बैंकों की खरीदारी और ईटीएफ इनफ्लो बढ़ने से मांग दोबारा तेज होने की उम्मीद है।'
2. पुराने निवेशक घबराकर न बेचें
जिन निवेशकों ने ऊपरी स्तरों पर सोना या चांदी खरीदा है और फिलहाल उनका पोर्टफोलियो घाटे में दिख रहा है, उन्हें एक्सपर्ट्स पैनिक सेलिंग यानी डरकर न बेचने की सलाह दे रहे हैं। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, लंबी अवधि का ट्रेंड अब भी मजबूत है। यह सिर्फ एक मार्केट करेक्शन है, न कि बुल मार्केट का अंत।
लंबी अवधि का टारगेट क्या है?
सीएनबीसी-टीवी18 के शो 'The Big C' में कमोडिटी एक्सपर्ट्स और इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के जानकारों ने संकेत दिए हैं कि भू-राजनीतिक तनाव कम होने के बाद जब महंगाई के आंकड़े सामान्य होंगे, तो केंद्रीय बैंकों की तरफ से ब्याज दरों में कटौती का दौर शुरू होगा। इसके बाद सोने और चांदी में तेजी का अगला बड़ा दौर शुरू हो सकता है, जो सोने को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए रिकॉर्ड स्तरों पर ले जाएगा।
क्या हो बेस्ट रणनीति?
अपने कुल इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो का 10 से 15 फीसदी हिस्सा ही सोने और चांदी जैसे कीमती एसेट्स में रखें। निवेश के लिए फिजिकल गोल्ड यानी ज्वैलरी के बजाय लिक्विडिटी और टैक्स एफिशिएंसी के लिहाज से गोल्ड ईटीएफ या म्यूचुअल फंड्स को प्राथमिकता दें।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।