जून 2026 में सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी टूट! पैनिक सेलिंग करें या धीरे-धीरे खरीदें? एक्सपर्ट्स से जानें सटीक रणनीति

Gold Silver Buying Strategy: जून 2026 में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव में आई थोड़ी नरमी और अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी की मांग घटी है। इस गिरावट को एक्सपर्ट निवेशकों के लिए एक बड़ा मौका मान रहे है

अपडेटेड Jun 21, 2026 पर 8:53 AM
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कीमतों में आया यह बड़ा करेक्शन नए निवेशकों के लिए एक बेहतरीन मौका साबित हो सकता है

Gold Silver Buying: अगर आप सोना या चांदी खरीदने का मन बना रहे हैं, तो कमोडिटी मार्केट से आपके लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। जून 2026 में सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव में आई थोड़ी नरमी और अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने-चांदी की मांग घटी है, जिससे घरेलू बाजार पर कीमतें तेजी से नीचे आई हैं। कीमतों में आया यह बड़ा करेक्शन नए निवेशकों के लिए एक बेहतरीन मौका साबित हो सकता है।

एक महीने में कितनी गिरी कीमतें?

जून महीने की शुरुआत के मुकाबले सोने और चांदी की कीमतों में 6% से 12% तक का बड़ा करेक्शन देखा जा चुका है:


सोना (Gold): 1 जून को सोने की कीमत करीब ₹154908 प्रति 10 ग्राम थी, जो आज 21 जून को करीब ₹10070 (5.60%) टूटकर ₹146230 के स्तर पर आ गई है।

चांदी (Silver): चांदी में और भी बड़ी गिरावट देखी गई है। 1 जून को ₹263458 प्रति किलोग्राम पर रहने वाली चांदी करीब ₹30448 (11.56%) फिसलकर ₹233010 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ चुकी है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का क्या कहना है?

मास्टर कैपिटल के पुनीत सिंघानिया के अनुसार, 'जो निवेशक पहले ही ऊपरी स्तरों पर सोना-चांदी खरीद चुके हैं, उन्हें इस गिरावट से घबराकर घाटे में बाहर नहीं निकलना चाहिए। पिछले डेढ़ साल की शानदार तेजी के बाद कमोडिटी मार्केट में ऐसा करेक्शन आना सामान्य बात है। सोने का लॉन्ग-टर्म स्ट्रक्चरल अपट्रेंड अभी भी बरकरार है, इसलिए इसे अपनी रणनीति बदलने का संकेत न समझें।'

क्वांटम AMC के चिराग मेहता के अनुसार, 'सोने के पॉजिटिव आउटलुक का बुनियादी आधार अभी भी मजबूत है। ईटीएफ निवेशकों के लिए बहुत ऊंचे भाव पर खरीदने से बेहतर है कि वे मौजूदा स्तरों पर एंट्री करें। जिन निवेशकों के पोर्टफोलियो में सोने की हिस्सेदारी कम है, वे इस गिरावट का फायदा उठाकर धीरे-धीरे खरीदारी कर सकते हैं। मौजूदा बुल रन में ऐसे मौके बहुत कम मिलते हैं।'

अब खरीदारी को लेकर क्या होनी चाहिए रणनीति?

अगर आप इस गिरावट का फायदा उठाना चाहते हैं, तो एक्सपर्ट्स ने तीन मुख्य रणनीतियां सुझाई हैं:

1. धीरे-धीरे खरीदें (SIP रूट अपनाएं): एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय 'बाय ऑन डिप्स' की रणनीति अपनाएं। कीमतों में हर गिरावट पर थोड़ा-थोड़ा निवेश करें। इसके लिए गोल्ड ईटीएफ (Gold ETFs) या डिजिटल गोल्ड में एसआईपी (SIP) करना सबसे सुरक्षित और आसान तरीका है।

2. पोर्टफोलियो में रखें 10-15% हिस्सेदारी: एक्सपर्ट्स के अनुसार, किसी भी समझदार निवेशक को अपने कुल एसेट एलोकेशन का कम से कम 10 से 15 फीसदी हिस्सा सोने और चांदी जैसे कीमती धातुओं में निवेश करके रखना चाहिए, जो मुश्किल वक्त में पोर्टफोलियो को स्थिरता देता है।

3. शॉर्ट-टर्म नहीं, लॉन्ग-टर्म का नजरिया रखें: कमोडिटी विश्लेषकों जैसे- आनंद राठी की वेदिका नार्वेकर का मानना है कि साल 2026 की आखिरी तिमाही तक सोने-चांदी की कीमतें फिर से अपने पुराने रिकॉर्ड स्तर को छू सकती हैं। इसलिए, मौजूदा गिरावट को ट्रेडिंग के बजाय लंबी अवधि के निवेश के तौर पर देखें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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