Aaj ka sone ka bhav : हफ्ते के पहले दिन सोने (Gold) पर दबाव देखने को मिला। कमोडिटी एक्सचेंज MCX पर 31 जुलाई को सोने का भाव (Gold Futures) 12:44 बजे 224 रुपये यानी 0.38 फीसदी गिरकर 59,210 रुपये प्रति 10 ग्राम था। 28 जुलाई को एमसीएक्स में सोने का बंद भाव 59,427 रुपये प्रति 10 ग्राम था। विदेशी बाजार में भी गोल्ड में कमजोरी देखने को मिली। सोने का भाव (गोल्ड फ्यूचर्स) 4.40 डॉलर यानी 0.22 फीसदी की कमजोरी के साथ 1,956 डॉलर प्रति औंस था। सिल्वर फ्यूचर्स 0.040 फीसदी गिरकर 24.45 डॉलर प्रति औंस था। एनालिस्ट्स का कहना है कि इनवेस्टर्स और ट्रेडर्स बुलियन फ्यूचर्स खरीदने के बारे में सोच सकते हैं, क्योंकि इनकी कीमतें सीमित दायरे में रहने का अनुमान है।
ब्रोकरेज फर्म IIFL के कमोडिटी एनालिस्ट अनुज गुप्ता ने तेजी की स्थिति में गोल्ड में निवेश करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि पिछले हफ्ते गोल्ड की कीमतें तेजी के साथ बंद हुई थीं। यह 0.20 फीसदी चढ़कर 59,427 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। गुप्ता ने कहा कि गोल्ड के लिए 59,400 रुपये पर सपोर्ट है। इस लेवल के नीचे जाने पर गोल्ड को 59,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर सपोर्ट मिलेगा। सोने के लिए रेसिस्टेंस 60,200 रुपये पर है। इसे पार कर जाने के बाद नेक्स्ट रेसिस्टेंस 60,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है। सोने में तेजी की स्थिति में करीब 59,300-59,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खरीदारी की जा सकती है। इसके लिए स्टॉपलॉस 59,000 रुपये होगा। टारगेट प्राइस 60,000-60,200 रुपये प्रति 10 ग्राम होगा।
दिल्ली सर्राफा बाजार में भाव
पिछले हफ्ते के आखिरी दिन यानी 28 जुलाई को सोने में गिरावट आई थी। दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना 350 रुपये गिरकर 60,250 रुपये पर बंद हुआ था। विदेशी बाजार में गोल्ड की कीमतों में गिरावट का असर घरेलू बाजार में सोने की कीमतों पर पड़ा। चांदी भी 1,900 रुपये गिरकर 76,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई। एक्सपर्ट्स का मानना है कि अमेरिकी में जीडीपी ग्रोथ के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा आने पर सोने पर दबाव बना। अमेरिकी इकोनॉमी में अच्छी रिकवरी है। दुनिया में क्राइसिस के वक्त सोने की डिमांड बढ़ जाती है। इसके उलट स्थिति बेहतर होने पर गोल्ड की डिमांड घट जती है।