Gold Silver Prices: सोना-चांदी सस्ते हुए, एक्सपर्ट से समझिए कीमतों पर क्यों आया दबाव

Gold Silver Prices: सोना-चांदी की कीमतों में गिरावट आई है। इसकी वजह कमजोर ग्लोबल संकेत के साथ शेयर बाजार है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक फेड की पॉलिसी और डॉलर की मजबूती आगे कीमतों की दिशा तय करेगी। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Apr 27, 2026 पर 4:28 PM
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MCX पर जून डिलीवरी वाला सोना ₹349 यानी 0.23% गिरकर ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया।

Gold Silver Prices: सोमवार (27 अप्रैल) को भारत में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली। फ्यूचर्स मार्केट में यह कमजोरी ग्लोबल संकेतों के नरम रहने और शेयर बाजार में बढ़ती मजबूती के कारण आई। यानी निवेशक इस समय जोखिम लेने की ओर ज्यादा झुक रहे हैं, जिससे सोना-चांदी जैसे सुरक्षित निवेश की मांग थोड़ी कम हुई है।

घरेलू बाजार में क्या हुआ

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर जून डिलीवरी वाला सोना ₹349 यानी 0.23% गिरकर ₹1.52 लाख प्रति 10 ग्राम पर आ गया। इस कॉन्ट्रैक्ट में 1,119 लॉट का कारोबार हुआ। इस गिरावट की वजह स्पॉट मार्केट में कमजोर मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले नरम संकेत रहे।


वहीं चांदी भी दबाव में रही। मई फ्यूचर्स ₹817 यानी 0.33% गिरकर ₹2.43 लाख प्रति किलोग्राम पर आ गया। इसमें 1,098 लॉट का कारोबार हुआ। बाजार में बिकवाली के दबाव का असर साफ दिखा।

ग्लोबल बाजार से क्या संकेत मिले

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। न्यूयॉर्क में सोना 0.05% गिरकर $4,711.98 प्रति औंस पर रहा। वहीं चांदी में हल्की मजबूती रही और यह 0.29% बढ़कर $75.94 प्रति औंस पर ट्रेड करती दिखी।

एनालिस्ट्स का कहना है कि फिलहाल बुलियन मार्केट कई फैक्टर्स से प्रभावित हो रहा है, जैसे ग्लोबल जोखिम लेने का माहौल और मैक्रोइकोनॉमिक अनिश्चितता।

VT Markets के सीनियर मार्केट एनालिस्ट जस्टिन खू के मुताबिक, भू-राजनीतिक तनाव और ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद ग्लोबल बाजार अभी भी टिके हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सोना फिलहाल एक सीमित दायरे में चल रहा है, जिससे पता चलता है कि सेफ-हेवन के तौर पर इसकी मांग अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुई है।

गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

LKP सिक्योरिटीज के वीपी रिसर्च (कमोडिटी और करेंसी) जतिन त्रिवेदी के मुताबिक, सोना फिलहाल हल्की कमजोरी के साथ ट्रेड कर रहा है। उनका कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व की इस हफ्ते होने वाली पॉलिसी मीटिंग से पहले बाजार सतर्क हो गया है। भले ही ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन फेड के बयान से आगे की दरों को लेकर संकेत मिलेंगे, जो सोने की कीमतों के लिए अहम रहेंगे।

उन्होंने यह भी बताया कि डॉलर इंडेक्स करीब 98 के आसपास मजबूत बना हुआ है, जिससे सोने में तेजी पर रोक लग रही है। वहीं अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। जतिन त्रिवेदी के अनुसार, शॉर्ट टर्म में सोना ₹1,50,000 से ₹1,55,000 के दायरे में उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार कर सकता है।

आगे क्या रहेगा ट्रेंड

बाजार के जानकारों के मुताबिक, घरेलू बाजार में कीमतों में आई गिरावट की मुख्य वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार की कमजोरी और फ्यूचर्स मार्केट में पोजिशन कम करना है। इसके साथ ही शेयर बाजार में मजबूती और निवेशकों की जोखिम लेने की बढ़ती प्रवृत्ति ने सोना-चांदी की मांग को कम किया है, जिससे कीमतों पर दबाव आया।

आने वाले दिनों में सोना और चांदी की चाल पूरी तरह ग्लोबल फैक्टर्स पर निर्भर करेगी। निवेशक खास तौर पर महंगाई के आंकड़े, ब्याज दरों को लेकर संकेत और भू-राजनीतिक हालात पर नजर रखेंगे। इन्हीं के आधार पर तय होगा कि आगे कीमतों में तेजी आएगी या दबाव बना रहेगा।

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