गोल्ड, सिल्वर और प्लैटिनम के लिए साल 2025 शानदार रहा। साल के अंत में तीनों की कीमतें ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गईं। 26 दिसंबर को स्पॉट गोल्ड 1.2 फीसदी चढ़कर 4,530 डॉलर प्रति औंस के पार हो गया। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच टेंशन बना हुआ है। अमेरिका ने नाइजीरिया में भी आईएस के खिलाफ सैन्य कार्रवाई शुरू की है। इसका असर गोल्ड की कीमतों पर पड़ा है।
चांदी में लगातार पांचवें सत्र तेजी
स्पॉट सिल्वर में लगातार पांचवें सत्र तेजी देखने को मिली। इससे इसका भाव 4.6 फीसदी के उछाल के साथ 75 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। बड़े ट्रेडिंग हब पर चांदी की सप्लाई में कमी देखने को मिली है, जिसका असर इसकी कीमतों पर पड़ रहा है। इससे पहले अक्तूबर में चांदी की सप्लाई में कमी देखने को मिली थी।
डॉलर में कमजोरी से सोने को सपोर्ट
इस हफ्ते ब्लूमबर्ग डॉलर स्पॉट इंडेक्स में 0.7 फीसदी गिरावट आई। जून के बाद यह इंडेक्स में सबसे बड़ी गिरावट है। डॉलर में कमजोरी आने पर सोने और चांदी की कीमतों को सपोर्ट मिलता है। इस साल गोल्ड करीब 70 फीसदी चढ़ा है। चांदी में इस साल 150 फीसदी से ज्यादा उछाल आया है। 1979 के बाद से किसी एक साल में दोनों मेटल्स में यह सबसे ज्यादा तेजी है।
फेड के रेट घटाने से चढ़ रहा सोना
गोल्ड में तूफानी तेजी में दुनिया के कई देशों के केंद्रीय बैंकों की गोल्ड की खरीदारी का भी हाथ है। गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड्स में भी पिछले कुछ समय से भारी निवेश हो रहा है। अमेरिका में केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट में कमी करने से भी गोल्ड को सपोर्ट मिला है। इस साल फेड इंटरेस्ट रेट में तीन बार कमी कर चुका है। इंटरेस्ट रेट में कमी के माहौल में गोल्ड की चमक बढ़ जाती है। ट्रेडर्स को अगले साल भी फेड के इंटरेस्ट रेट में कमी करने की उम्मीद है।
सोने में इनवेस्टर्स की दिलचस्पी भी बढ़ी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और चीन सहित दुनिया के कई देशों पर टैरिफ काफी बढ़ा दिया है। उन्होंने अमेरिकी केंद्रीय बैंक की आजादी पर अंकुश लगाने की भी धमकी दी है। इसका असर इस साल की शुरुआत में सोने की कीमतों पर देखने को मिला था। इंटरनेशनल ट्रेड में बाधा की वजह से निवेशकों की दिलचस्पी भी सोने में बढ़ी है। सोने को निवेश का सबसे सुरक्षित जरिया माना जाता है।
प्लैटिनम इस महीने 40 फीसदी चढ़ा
इस साल अक्तूबर में सोना 4,381 डॉलर के ऑल-टाइम हाई पर पहुंचने के बाद गिरा था। लेकिन, उसके बाद उसमें जल्द रिकवरी शुरू हो गई। हालांकि, गोल्ड से ज्यादा तेजी सिल्वर में आई है। पिछले कुछ हफ्तों से प्लैटिनम में भी जबर्दस्त तेजी दिखी है। सिर्फ दिसंबर में प्लैटिनम का प्राइस 40 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। ब्लूमबर्ग के 1987 में डेटा कंपाइलिंग शुरू करने के बाद पहली बार प्लैटिनम में 2,400 डॉलर प्रति औंस से ऊपर ट्रेडिंग हुई है।