इस साल गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में रिकॉर्ड ऊंचाई से बड़ी गिरावट आई है। इसका असर गोल्ड-सिल्वर रेशियो पर भी पड़ा है। इस रेशियो के बढ़ने से इनवेस्टर्स शॉर्ट टर्म और मीडियम टर्म की अपनी ऐलोकेशन स्ट्रेटेजी पर फिर से विचार कर रहे हैं। इस साल जनवरी के अंत में गोल्ड-सिल्वर रेशियो गिरकर 47 के करीब आ गया था। यह इस बात का संकेत था कि सिल्वर की वैल्यू गोल्ड से ज्यादा है। उसके बाद सोने और चांदी में तेज गिरावट से यह रेशियो 63-65 की रेंज में है। यह सिल्वर के मुकाबले गोल्ड के ज्यादा अट्रैक्टिव होने का संकेत है।
जनवरी के अंत में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद तेज गिरावट
सोने और चांदी में 2025 में जबर्दस्त तेजी रही। इससे इस साल जनवरी के अंत में कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गईं। गोल्ड का भाव 2.30 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। चांदी की कीमत 4.39 लाख रुपये प्रति किलो पहुंच गई। उसके बाद कीमतों में तेज गिरावट आई। 1 अप्रैल को सोना रिकॉर्ड ऊंचाई से 33 फीसदी से ज्यादा गिरकर 1,53,708 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी करीब 45 फीसदी गिरकर 2,43,501 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई।
गोल्ड और सिल्वर का रेशियो मेटल की वैल्यू का संकेत देता है
कमोडिटी एनालिस्ट्स गोल्ड-सिल्वर रेशियो का इस्तेमाल यह जानने के लिए करते हैं कि कौन सा मेटल ओवरवैल्यूड या अंडरवैल्यूड है। इससे इनवेस्टर्स को यह फैसला लेने में मदद मिलती है कि क्या खरीदना, होल्ड करना या स्विच करना है। गोल्ड और सिल्वर रेशियो निकालने का एक फॉर्मूला है। इसके लिए 10 ग्राम गोल्ड की कीमत में 10 ग्राम सिल्वर की कीमत से डिवाइड किया जाता है। 1 अप्रैल को गोल्ड की कीमत 1,53,708 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। सिल्वर की कीमत 2,435.01 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। फॉर्मूला के मुताबिक 1,53,708 ÷ 2,435.01 =63.12 आता है। यह गोल्ड और सिल्वर की फेयर वैल्यूएशन का संकेत है।
गोल्ड-सिल्वर रेशियो 70 तक पहुंचने की उम्मीद
बोनांजा में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट नृपेंद्र यादव ने कहा, "कीमतों में तेजी आने पर इनवेस्टर्स गोल्ड में निवेश बढ़ा सकते हैं। लेकिन, ऐसा आंख बंद करके नहीं किया जा सकता। गोल्ड-सिल्वर रेशियो के 70 पहुंच जाने की संभावना है। यह गोल्ड के लिए सपोर्टिव होगा। यह गोल्ड में सीमित तेजी का संकेत देता है, क्योंकि शॉर्ट टर्म में मार्केट में कीमतें सीमित दायरे में बनी रह सकती हैं। इस दौरान सिल्वर में पोजीशन कम रखी जा सकती है।"
सिल्वर अभी मजबूत, लेकिन महंगा नहीं
Augmont में रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी का कहना है कि गोल्ड-सिल्वर रेशियो 65 के करीब है, जो लंबी अवधि के 70-75 के औसत रेशियो से कम है। इसका मतलब है कि सिल्वर अब भी थोड़ा मजबूत है लेकिन यह महंगा नहीं है। गोल्ड अनिश्चितता वाले माहौल में पोर्टफोलियो को स्थिरता देता है। उन्होंने कहा, "अभी जो लेवल है, उसमें इनवेस्टर को बैलेंस बनाए रखना चाहिए। लेकिन स्टैबिलिटी के लिए गोल्ड में थोड़ा ज्यादा ऐलोकेशन रखा जा सकता है।"
रेशियो घटने पर सिल्वर में प्रॉफिट बुक करने की सलाह
उन्होंने कहा, "अगर यह रेशियो 55-60 की तरफ बढ़ता है तो रीबैलेंस के लिए सिल्वर में प्रॉफिट बुक किया जा सकता है और गोल्ड में निवेश बढ़ाया जा सकता है। इनवेस्टर्स पोजीशन स्थिर रखने की जगह डायनेमिक ऐलोकेशन एप्रोच बनाए रख सकते हैं।" एक्सपर्ट्स का कहना है कि इनवेस्टर्स गोल्ड-सिल्वर रेशियो पर नजर बनाए रख सकते हैं।
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