सोना-चांदी में वापसी, लेकिन खतरा अभी टला नहीं, निवेशक रहें अलर्ट- जनवरी जैसी नहीं है सिल्वर में रैली

Gold Price: पिछले हफ्ते की ऐतिहासिक गिरावट के बाद मंगलवार 3 फरवरी को भारतीय बाजार में सोना और चांदी दोनों में तेज रिकवरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में MCX पर सोना और चांदी मजबूती के साथ खुले

अपडेटेड Feb 03, 2026 पर 1:43 PM
Story continues below Advertisement
Gold Price: पिछले हफ्ते की ऐतिहासिक गिरावट के बाद मंगलवार 3 फरवरी को भारतीय बाजार में सोना और चांदी दोनों में तेज रिकवरी देखने को मिली।

Gold Price: पिछले हफ्ते की ऐतिहासिक गिरावट के बाद मंगलवार 3 फरवरी को भारतीय बाजार में सोना और चांदी दोनों में तेज रिकवरी देखने को मिली। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह तेजी शॉर्ट कवरिंग और सस्ते दाम पर खरीदारी की वजह से है। ये जनवरी की तरह उत्साह वाली रैली नहीं है। शुरुआती कारोबार में MCX पर सोना और चांदी मजबूती के साथ खुले।

MCX पर सोना 3% से ज्यादा चढ़ा

MCX पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना 1.48 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। यह पिछले बंद भाव से करीब 4,000 रुपये ज्यादा था। कारोबार बढ़ने के साथ ही सोने की कीमत 1.49 लाख रुपये तक पहुंच गई। यानी एक समय इसमें 3.8% तक की तेजी दिखी। दोपहर तक सोना करीब 1.49 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड करता रहा। इससे निवेशकों को थोड़ी राहत जरूर मिली, जो हालिया गिरावट से घबरा गए थे।

चांदी में ज्यादा उछाल


चांदी में रिकवरी और भी तेज रही। मार्च कॉन्ट्रैक्ट वाली चांदी ₹2.45 लाख रुपये प्रति किलो पर खुली। बाद में इसमें और तेजी आई और भाव ₹2.53 लाख रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया। यह करीब 7% से ज्यादा की बढ़त थी। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पिछली गिरावट के दौरान चांदी में जबरदस्त बिकवाली हुई थी। अब उसी के बाद तेज उछाल दिख रहा है। लेकिन चांदी अब भी ज्यादा वौलेटाइल मानी जा रही है।

अचानक क्या हुआ था पिछले हफ्ते

Mirae Asset की रिपोर्ट के मुताबिक, यह हालिया गिरावट सिल्वर के इतिहास की सबसे तेज गिरावट में से एक है। 2025 और जनवरी 2026 में सोना और खासकर चांदी लगातार ऊपर जा रहे थे। चांदी में तो सट्टेबाजी बहुत ज्यादा बढ़ गई थी। लेकिन पिछले हफ्ते अचानक माहौल बदला और तेजी से दाम टूट गए।

गिरावट की बड़ी वजह क्या रही

मिराए एसेट के अनुसार गिरावट की एक बड़ी वजह अमेरिका की मौद्रिक नीति को लेकर बदली उम्मीदें थीं। खबरें आईं कि Kevin Warsh को US Federal Reserve का अगला चेयरमैन बनाया जा सकता है। वॉर्श को सख्त रुख वाला माना जाता है। इससे डॉलर मजबूत हुआ और सोने-चांदी पर दबाव आया। इसके साथ ही इंटरनेशनल एक्सचेंजों पर मार्जिन बढ़ने से मजबूरी में बिकवाली हुई। इसका सबसे ज्यादा असर चांदी पर पड़ा।

आगे सोना और चांदी की राह अलग

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अब सोना और चांदी का रास्ता अलग हो सकता है। सोने को सेंट्रल बैंकों की खरीद, जियोपॉलिटिकल तनाव और सेफ हेवन डिमांड से सपोर्ट मिलता रह सकता है। चांदी का बाजार छोटा है और ज्यादा सट्टेबाजों पर निर्भर रहता है। इसलिए इसमें आगे भी तेज उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

कितना नुकसान हुआ था

2 फरवरी तक के आंकड़ों के अनुसार एक हफ्ते में चांदी करीब 26.5% टूट गई थी। वहीं, सोना सिर्फ 6.6% गिरा। हालांकि, लंबे पीरियड में दोनों अब भी मजबूत हैं। एक साल में चांदी करीब 150% और सोना करीब 76% ऊपर है।

विदेश से कितनी ला सकते हैं गोल्ड ज्वैलरी? जानिये ड्यूटी फ्री कस्टम के नए नियम

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।