शेयर, सोना और बैंक एफडी, इनमें निवेश का इनवेस्टर्स का आखिरी मकसद क्या है?

बीते कुछ सालों में शेयरों और गोल्ड में इनवेस्टर्स की दिलचस्पी बढ़ी है। उधर, बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट भी कई लोगों के निवेश की पहली पसंद बना हुआ है। इसके पीछे एक बड़ी वजह है। एनारॉक के सर्वे से लोगों के निवेश और उसके मकसद के बारे में दिलचस्प जानकारी मिली है

अपडेटेड Sep 22, 2026 पर 12:56 PM
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इस सर्वे के नतीजों से पता चलता है कि किसी इनवेस्टर के निवेश के एसेट्स और निवेश के लक्ष्य के बीच फर्क हो सकता है।

बीते कुछ सालों में शेयरों और गोल्ड में निवेश में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। इनवेस्टर्स के बीच बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट का भी अट्रैक्शन बना हुआ है। सवाल है कि क्या इसका मतलब है कि प्रॉपर्टी  इनवेस्टर्स की अब पसंद नहीं रह गई है? एनारॉक के रियल एस्टेट होमबायर सर्वे से इस सवाल का जवाब मिला है। यह सर्वे इस साल जनवरी से जून के बीच हुआ। इसमें 14 शहरों के करीब 8,320 लोगों ने हिस्सा लिया, जिनकी उम्र 23 से 77 के बीच थी।

घर खरीदना वित्तीय लक्ष्य में सबसे ऊपर

सर्वे के नतीजे बताते हैं कि घर खरीदना इनवेस्टर्स के फाइनेंशियल गोल यानी वित्तीय लक्ष्य में सबसे ऊपर था। इसके बाद बिजनेस शुरू करना, इमर्जेंसी फंड बनाना या रिटायरमेंट का नंबर था। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि 45 फीसदी इनवेस्टर्स या गोल्ड या शेयर में 45 फीसदी इनवेस्ट करने वाले घर के लिए निवेश कर रहे हैं। सर्वे में शामिल 40 फीसदी लोगों ने रियल एसेट्स को छोड़कर दूसरे एसेट्स को सेलेक्ट किया।


45% लोगों ने घर खरीदने में दिखाई दिलचस्पी

इन लोगों से जब यह पूछा गया कि वे निवेश से तैयार अपने फंड का कहां इस्तेमाल करेंगे, तो घर खरीदना उनका सबसे बड़ा लक्ष्य था। 45 फीसदी लोगों ने घर खरीदने को अपना पहला गोल बताया। 25 फीसदी लोगों ने कहा कि वे निवेश से तैयार फंड का इस्तेमाल बिजनेस शुरू करने के लिए करेंगे। 17 फीसदी लोगों ने कहा कि वे इस पैसे से इमर्जेंसी फंड बनाएंगे। 11 फीसदी लोगों ने रिटायरमेंट को अपनी पहली प्राथमिकता बताई। सिर्फ 2 फीसदी ने कहा कि वे इस पैसा का इस्तेमाल सैर-सपाटे के लिए करेंगे।

निवेश के एसेट्स और निवेश के लक्ष्य में हो सकता है फर्क

इस सर्वे के नतीजों से यह भी पता चलता है कि किसी इनवेस्टर के निवेश के एसेट्स और निवेश के लक्ष्य के बीच फर्क हो सकता है। नॉन-रियल एसेट्स में निवेश का मतलब यह नहीं की घरों की डिमांड कमजोर पड़ रही है। हालांकि, अलग-अलग उम्र के लोगों के निवेश के मकसद में फर्क देखने को मिला।

घर खरीदने में सबसे ज्यादा दिलचस्पी मिलेनियल्स की

मिलेनियल्स यानी 1981 से 1996 के बीच जन्म लेने वाले लोगों में से 71 फीसदी का कहना था कि वे निवेश से तैयार अपने फंड का इस्तेमाल भविष्य में घर खरीदने के लिए करना चाहते हैं। जेनरेशन एक्स यानी 1965 से 1980 के बीच जन्म लेने वाले लोगों में से 44 फीसदी का कहना था कि वे निवेश के पैसे का इस्तेमाल घर खरीदने के लिए करेंगे।

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रियल एसेट्स अब भी निवेश के लिहाज से पहली पसंद 

इस सर्वे के नतीजे बताते हैं कि ज्यादातर लोगों के लिए अभी भी रियल एस्टेट सबसे पसंदीदा एसेट क्लास है। यह पूछने पर कि मौजूदा माहौल में कौन सा एसेट क्लास निवेश के लिए सबसे अच्छा है, 60 फीसदी लोगों का जवाब रियल एस्टेट था। 20 फीसदी के साथ स्टॉक मार्केट दूसरे नंबर पर था। 11 फीसदी के साथ सोना तीसरे नंबर पर था। इसके बाद बैंक एफडी का नंबर था।

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