पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण फ्यूल सप्लाई को लेकर चिंता जताई जा रही है। इस बीच पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने मंगलवार को साफ किया कि भारत में कच्चे तेल की पर्याप्त आपूर्ति मौजूद है। देश की सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और पेट्रोल पंपों पर किसी तरह की कमी की रिपोर्ट नहीं है।
एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में संयुक्त सचिव (मार्केटिंग और ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने कहा कि पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और फिलहाल अतिरिक्त आयात की जरूरत नहीं है।
अधिकारियों के अनुसार पेट्रोल और डीजल की सप्लाई फिलहाल पूरी तरह सामान्य है, लेकिन LPG की स्थिति पर सरकार नजर बनाए हुए है। हालांकि अभी तक कहीं भी गैस पूरी तरह खत्म होने जैसी स्थिति सामने नहीं आई है।
सुजाता शर्मा ने बताया कि पहले कमर्शियल LPG की सप्लाई कुछ समय के लिए रोक दी गई थी, लेकिन अब इसे आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है। राज्य सरकारों के जरिए इसकी सप्लाई फिर से शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि LPG पर दबाव कम करने के लिए केरोसिन और कोयला जैसे वैकल्पिक ईंधन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
ब्लैक मार्केटिंग पर सख्त कार्रवाई
सरकार ने LPG सिलेंडरों की कालाबाजारी और जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। सुजाता शर्मा ने बताया कि 16 मार्च तक करीब 12,000 छापेमारी की गई हैं और लगभग 15,000 LPG सिलेंडर जब्त किए गए हैं।
उन्होंने कहा कि कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए लगातार छापे और अचानक निरीक्षण किए जा रहे हैं।
दिल्ली में एक ही दिन में करीब 600 सिलेंडर जब्त किए गए। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों में लगभग 450 निरीक्षण और छापे मारे गए, जिनमें 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
जम्मू-कश्मीर में 564 छापेमारी की गई, जिनमें FIR दर्ज की गई और गिरफ्तारियां भी हुईं। केरल में करीब 1,000 छापे और जांच की गई, जिनमें घरेलू और कमर्शियल दोनों तरह के सिलेंडर जब्त किए गए। मध्य प्रदेश में भी करीब 1,200 छापेमारी की गई और लगभग 1,800 सिलेंडर जब्त किए गए।
इसके अलावा तेल विपणन कंपनियों की निरीक्षण टीमों को भी सक्रिय किया गया है। इन टीमों ने करीब ढाई हजार पेट्रोल पंपों और LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स पर अचानक निरीक्षण किए हैं, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी को रोका जा सके।