सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी है। केंद्र सरकार ने पब्लिक सेक्टर की जनरल इंश्योरेंस कंपनियों, नाबार्ड और भारतीय रिज़र्व बैंक से जुड़े कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए वेतन और पेंशन रिवीजन को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से हजारों कर्मचारियों और उनके परिवारों को सीधा फायदा मिलेगा। वित्त मंत्रालय के मुताबिक इस सैलरी रिवीजन से कुल 46,322 कर्मचारी, 23,570 पेंशनर्स और 23,260 फैमिली पेंशनर्स को फायदा होगा। यह फैसला लंबे समय से पेंडिंग मांगों के बाद लिया गया है।
जनरल इंश्योरेंस पीएसयू कंपनियों के कर्मचारियों के लिए वेतन रिवीजन 1 अगस्त 2022 से लागू होगा। इस पर सरकार का कुल खर्च करीब 8,170 करोड़ रुपये आएगा। इसमें वेतन एरियर, एनपीएस योगदान और फैमिली पेंशन का अमाउंट शामिल है। अकेले वेतन एरियर पर ही सरकार को करीब 5,800 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे।
नाबार्ड के कर्मचारियों के लिए वेतन रिवीजन 1 नवंबर 2022 से लागू होगा। इससे हर साल वेतन पर लगभग 170 करोड़ रुपये का एक्स्ट्रा बोझ पड़ेगा। वहीं, एरियर के रूप में करीब 510 करोड़ रुपये का पेमेंट किया जाएगा।
इसके अलावा नाबार्ड के पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स के लिए भी पेंशन रिवीजन को मंजूरी दी गई है। इससे एक बार में करीब 50 करोड़ रुपये का एरियर दिया जाएगा और हर महीने पेंशन पर 3.5 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च होगा।
आरबीआई के रिटायर कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए भी बड़ी राहत दी गई है। उनकी पेंशन और फैमिली पेंशन में 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ोतरी 1 नवंबर 2022 से लागू मानी जाएगी। इस पर कुल खर्च करीब 2,700 करोड़ रुपयो आएगा, जिसमें एरियर और सालाना खर्च दोनों शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इस फैसले से कर्मचारियों और पेंशनर्स की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और उनकी लंबे समय से चली आ रही मांगों को भी पूरा किया जा सकेगा।