Small Savings Scheme: छोटे निवेशकों को बड़ी राहत! सरकार ने नहीं घटाई स्मॉल सेविंग्स स्कीम की ब्याज दर

Small Savings Scheme: केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है। FD पर ब्याज घटने के बीच यह फैसला सीनियर सिटीजन और छोटे निवेशकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। जानिए डिटेल।

अपडेटेड Dec 31, 2025 पर 7:51 PM
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छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें सीधे RBI के रेपो रेट से तय नहीं होतीं।

Small Savings Scheme: केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के लिए स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स की ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं करने का फैसला किया है। सरकारी आदेश के मुताबिक, 1 जनवरी 2026 से 31 मार्च 2026 तक सभी छोटी बचत योजनाओं पर ब्याज दरें वही रहेंगी, जो तीसरी तिमाही में लागू थीं।

माना जा रहा था कि कुछ स्कीमों की ब्याज दर में कटौती हो सकती है। खासकर, यह देखते हुए कि RBI ने साल में रेपो रेट को 1.25% तक कट किया है। इससे एफडी जैसे निवेश पर ब्याज घटा है। हालांकि, छोटी बचत योजनाओं में कटौती न होने से निवेशकों को बड़ी राहत मिली है।

दरअसल, छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरें सीधे RBI के रेपो रेट से तय नहीं होतीं। सरकार इन दरों को मुख्य रूप से 10 साल के सरकारी बॉन्ड (G-Sec) की यील्ड और दूसरे मैक्रो इकॉनमिक फैक्टर्स के आधार पर तय करती है।


किन योजनाओं पर लागू होगा फैसला

सरकार के इस फैसले का असर पोस्ट ऑफिस की सभी प्रमुख स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स पर होगा। इसमें पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), सुकन्या समृद्धि योजना, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट (NSC), किसान विकास पत्र (KVP), सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS) और पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट जैसी योजनाएं शामिल हैं।

इन सभी योजनाओं पर ब्याज दरें चौथी तिमाही में भी तीसरी तिमाही के स्तर पर ही बनी रहेंगी।

निवेशकों के लिए फैसले की अहमियत

सरकार का यह फैसला ऐसे समय पर आया है, जब महंगाई और ब्याज दरों को लेकर बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है। ब्याज दरों में बदलाव न होने से उन निवेशकों को राहत मिली है, जो सुरक्षित और तय रिटर्न वाली योजनाओं में निवेश करना पसंद करते हैं।

खासकर सीनियर सिटीजन, रिटायर्ड कर्मचारी और छोटे निवेशक। ये लोग पोस्ट ऑफिस और स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स पर निर्भर रहते हैं। इसलिए उनके लिए यह स्थिरता अहम मानी जा रही है।

पिछली तिमाही से बरकरार रहेंगी दरें

सरकारी आदेश में साफ कहा गया है कि चौथी तिमाही की ब्याज दरें तीसरी तिमाही (1 अक्टूबर 2025 से 31 दिसंबर 2025) में अधिसूचित दरों के समान ही रहेंगी। यानी सरकार ने लगातार दूसरी तिमाही में इन योजनाओं की दरों को स्थिर रखा है।

यह कदम सरकार की उस नीति को दिखाता है, जिसमें स्मॉल सेविंग्स स्कीम्स को बाजार की अत्यधिक अस्थिरता से दूर रखा जाता है।

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