लोकसभा में एक सवाल के जवाब में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) की तीन किस्तों को फ्रीज करने का फैसला 1 जनवरी 2020, एक जुलाई 2020 और 1 जनवरी 2021 को कोविड 19 के चलते लिया गया था। यह फैसला इसलिए लिया गया था जिससे कि सरकारी पैसे पर कम दबाव पड़े। साल 2020 में महामारी की वजह से कमजोर वित्तीय हालात और सरकार की तरफ से लोगों की भालाई के लिए खर्च रिए गए पैसे की वजह से बाकाया डीए और डीआर को जारी करना व्यवहारिक नहीं माना जा सकता है। अभी भी सरकार का राजकोषीय घाटा FRBM एक्ट में बताए गए लेवल के मुकाबले लगभग दोगुना है। केंद्र सरकार को 18 महीने के डीए और डीआर को फ्रीज करने की वजह से केंद्र सरकार को 34402.32 करोड़ रुपये की बचत हुई थी।