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GST का 12% स्लैब खत्म करने में दवाओं और ट्रैक्टर्स पर फंस रहा मामला, जानिए क्या है सरकार का प्लान

12 फीसदी टैक्स स्लैब के तहत आने वाली दवाइयों और ट्रैक्टर्स पर टैक्स खत्म करने से सरकार को 3,000-4,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू लॉस हो सकता है। अगर 12 फीसदी टैक्स स्लैब को खत्म किया जाता है तो अंग्रेजी दवाइयों के अलावा आयुर्वेदिक, होमयोपैथी, पशुओं की दवाओं और सर्जिकल ड्रेसिंग्स को 5 फीसदी वाले जीएसटी स्लैब में ट्रांसफर करना होगा

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 10, 2025 पर 5:27 PM
GST का 12% स्लैब खत्म करने में दवाओं और ट्रैक्टर्स पर फंस रहा मामला, जानिए क्या है सरकार का प्लान
ट्रैक्टर को 18 फीसदी जीएसटी स्लैब में नहीं ट्रांसफर किया जा सकता, क्योंकि यह एग्रीकल्चर इक्विपमेंट कैटेगरी में आता है।

जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक में 12 फीसदी टैक्स के तहत आने वाली दवाइयों और ट्रैक्टर्स पर चर्चा हो सकती है। जीएसटी काउंसिल स्लैब की संख्या कम करना चाहती है। 12 फीसदी टैक्स स्लैब को खत्म करने पर सहमति बन सकती है। हालांकि, इससे पहले राज्य इसके आर्थिक और सामाजिक असर का आकलन करेंगे। मामले से जुड़े सूत्रों ने इस बारे में मनीकंट्रोल को बताया। जीएसटी काउंसिल की अगली बैठक संसद के मानसूत्र सत्र से पहले होने की उम्मीद है।

सरकार को रेवेन्यू में 4000 करोड़ का लॉस

12 फीसदी टैक्स स्लैब के तहत आने वाली दवाइयों और ट्रैक्टर्स पर टैक्स खत्म करने से सरकार को 3,000-4,000 करोड़ रुपये का रेवेन्यू लॉस हो सकता है। अगर 12 फीसदी टैक्स स्लैब को खत्म किया जाता है तो अंग्रेजी दवाइयों के अलावा आयुर्वेदिक, होमयोपैथी, पशुओं की दवाओं और सर्जिकल ड्रेसिंग्स को 5 फीसदी वाले जीएसटी स्लैब में ट्रांसफर करना होगा। ट्रैक्टर को 18 फीसदी जीएसटी स्लैब में नहीं ट्रांसफर किया जा सकता, क्योंकि यह एग्रीकल्चर इक्विपमेंट कैटेगरी में आता है। ऐसे में टैक्स इनवर्जन से बचने के लिए इसे इनपुट टैक्स क्रेडिट के बगैर टैक्स के दायरे से बाहर करना होगा।

ट्रैक्टर्स पर इनपुट टैक्स क्रेडिट का मामला फंस रहा

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