GST में कमी से बटर और नूडल्स जैसी खानेपीने की उन चीजों की कीमतें काफी घट जाएंगी, जो अभी काफी ऊंची हैं

कंज्यूमर बास्केट में शामिल कई चीजों की कीमतें अब भी हाई बनी हुई हैं। उदाहरण के लिए बटर की कीमतों का इनफ्लेशन जुलाई में बढ़ाकर 5.6 फीसदी पर पहुंच गया, जो 16 महीनों में सबसे ज्यादा है। जून में यह 4.8 फीसदी चढ़ा था। नूडल्स पर अभी 12 फीसदी टैक्स लगता है। जुलाई में इसका इनफ्लेशन 4.6 फीसदी रहा

अपडेटेड Aug 18, 2025 पर 2:20 PM
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जीएसटी स्लैब्स घटने से 12 फीसदी टैक्स स्लैब के तहत आने वाली चीजें 5 फीसदी टैक्स स्लैब के तहत आ जाएंगी।

सरकार के इस साल अक्टूबर में जीएसटी रिफॉर्म्स करने का सीधा असर उन चीजों की महंगाई पर पड़ेगा जिनका लोग काफी ज्यादा इस्तेमाल करते हैं। मनीकंट्रोल की एनालिसिस से यह पता चला है। इसके मुताबिक, जीएसटी के रेट्स 4 की जगह 2 करने से कंजम्प्शन बास्केट में शामिल करीब 10 फीसदी आइटम्स की कीमतों में कमी आएगी। इसके आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मोके पर लाल किले की प्राचरी से जीएसटी की अगली पीढ़ी के रिफॉर्म्स का ऐलान किया।

कंजम्प्शन बास्केट में शामिल 10 फीसदी चीजों की कीमतों में उछाल

कंजम्प्शन बास्केट में शामिल इन आइटम्स की कीमतों में उछाल देखने को मिला। इनकी कीमतें जुलाई में 2.9 फीसदी से 8 महीनों के सबसे हाई लेवल पर पहुंच गईं। हालांकि, रिटेल इनफ्लेशन घटकर 1.6 फीसदी पर आ गया जो, 8 साल सालों में सबसे कम है। मोदी ने 15 अगस्त को कहा कि इस बार दिवाली पर लोगों को दोहरे गिफ्ट्स मिलने वाले हैं। उन्होंने कहा कि सरकार GST में अगली पीढ़ी के रिफॉर्म्स करने वाली है।


स्लैब की संख्या 4 की जगह घटकर सिर्फ 2 रह जाएंगी

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जीएसटी में कमी से लोगों को बहुत कम टैक्स चुकाना होगा। इससे रोजाना इस्तेमाल होने वाली कई चीजें सस्ती हो जाएंगी। इससे इकोनॉमी को बढ़ावा मिलेगा। सरकार जीएसटी स्लैब की संख्या घटाना चाहती है। अभी जीएसटी के कुल 4 स्लैब हैं। इनमें 5 फीसदी, 12 फीसदी, 18 फीसदी और 28 फीसदी शामिल हैं। सरकार चार की जगह सिर्फ दो स्लैब बनाए रखना चाहती है। उसने 18 फीसदी और 28 फीसदी के स्लैब्स को खत्म करने का प्लान बनाया है।

12 फीसदी स्लैब के तहत आने वाली चीजें 5 फीसदी स्लैब के तहत आएंगी

जीएसटी स्लैब्स घटने से 12 फीसदी टैक्स स्लैब के तहत आने वाली चीजें 5 फीसदी टैक्स स्लैब के तहत आ जाएंगी। 28 फीसदी टैक्स स्लैब के तहत आने वाली चीजें 18 फीसदी टैक्स स्लैब के तहत आ जाएंगी। अभी बटर, घी, नूडल्स और कपड़ों पर 12 फीसदी टैक्स लगता है। इन पर लगने वाला टैक्स घटकर 5 फीसदी रह जाएगी। इतना ही नहीं एयर कंडीशनर और टीवी जैसी चीजें भी सस्ती हो जाएंगी।

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परिवारों के मासिक बजट में आएगी कमी

कंज्यूमर बास्केट में शामिल कई चीजों की कीमतें अब भी हाई बनी हुई हैं। उदाहरण के लिए बटर की कीमतों का इनफ्लेशन जुलाई में बढ़ाकर 5.6 फीसदी पर पहुंच गया, जो 16 महीनों में सबसे ज्यादा है। जून में यह 4.8 फीसदी चढ़ा था। नूडल्स पर अभी 12 फीसदी टैक्स लगता है। जुलाई में इसका इनफ्लेशन 4.6 फीसदी रहा। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये ऐसी चीजें हैं जिनका इस्तेमाल सालों भर होता है। ऐसे में इनकी कीमतें घटने से परिवार के बजट में काफी कमी आएगी।

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