HDFC Bank ने अपने ग्राहकों के लिए चार बड़ें बदलाव किये हैं। बैंक ने लोन की ब्याज दर, फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दर, ATM से पैसे निकालने के नियम और लॉकर किराये से जुड़े नियमों में बदलाव किए हैं। इनमें से कुछ बदलाव पहले ही लागू हो चुके हैं, जबकि कुछ 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे। इन बदलावों का असर देश के लाखों बैंक ग्राहकों पर पड़ सकता है।
1. लोन सस्ता करने के लिए MCLR में कटौती
HDFC Bank ने अपनी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में 10 बेसिस प्वाइंट तक की कटौती की है। नई दरें 7 मार्च 2026 से लागू हो गई हैं। कटौती के बाद ओवरनाइट और एक महीने की MCLR 8.25% से घटकर 8.15% हो गई है। वहीं तीन महीने की MCLR 8.30% से घटकर 8.25% कर दी गई है। छह महीने और एक साल की पीरियड की दरें भी 8.40% से घटकर 8.35% हो गई हैं। दो साल की MCLR 8.50% से 8.45% और तीन साल की MCLR 8.60% से 8.55% कर दी गई है। इस बदलाव से उन ग्राहकों को फायदा हो सकता है जिनका लोन MCLR से जुड़ा हुआ है। उनकी EMI में थोड़ी राहत मिल सकती है।
2. FD पर बढ़ाई गई ब्याज दर
बैंक ने कुछ पीरियड की FD पर ब्याज दर बढ़ाई है। 3 साल 1 दिन से 4 साल 7 महीने की पीरियड वाली FD पर ब्याज दर 6.40% से बढ़ाकर 6.50% कर दी गई है। सीनियर सिटीजन के लिए इसी पीरियड की FD पर ब्याज दर 6.90% से बढ़ाकर 7% कर दी गई है। फिलहाल बैंक सामान्य ग्राहकों को 2.75% से 6.50% तक और सीनियर सिटीजन को 3.25% से 7% तक ब्याज दे रहा है।
3. ATM से पैसे निकालने के नियम में बदलाव
HDFC Bank ने ATM से जुड़े नियमों में भी बदलाव किया है। 1 अप्रैल 2026 से UPI के जरिए ATM से कैश निकालना भी मंथली फ्री ट्रांजेक्शन लिमिट में शामिल होगा। अगर ग्राहक मुफ्त ट्रांजेक्शन की सीमा पार कर लेते हैं, तो हर अतिरिक्त ट्रांजेक्शन पर 23 रुपये और टैक्स देना होगा।
बैंक ने सेफ डिपॉजिट लॉकर के किराए में भी बदलाव करने का फैसला किया है। 1 अप्रैल 2026 से नई दरें लागू होंगी। बैंक ने इसके लिए Metro Plus नाम की नई केटेगरी भी शुरू की है। नए सिस्टम के तहत लॉकर का किराया लॉकर के साइज और ब्रांच की लोकेशन के आधार पर तय होगा। इसमें Metro Plus, Metro, Urban, Semi-Urban और Rural कैटेगरी शामिल होंगी। इसके अलावा लॉकर किराए पर 18% जीएसटी भी लागू होगा।