अब इलाज की नो टेंशन! हर महीने सिर्फ ₹1000 देकर पाएं 3 साल का हेल्थ इंश्योरेंस, हजारों लोगों ने चुना ये नया ट्रेंड

Health Insurance Monthly EMI: हेल्थ इंश्योरेंस लेना अब और भी आसान हो गया है। भारी-भरकम सालाना प्रीमियम के बोझ से राहत देने के लिए इंडस्ट्री में ओटीटी की तरह 'सब्सक्रिप्शन बेस्ड EMI मॉडल' तेजी से पॉपुलर हो रहा है। ताजा डेटा के मुताबिक, 13% ग्राहक अब एकमुश्त पेमेंट की बजाय मंथली या क्वार्टरली किस्तों में प्रीमियम देना पसंद कर रहे हैं। यह नया तरीका हर साल 10% तक बढ़ने वाले प्रीमियम से भी सुरक्षा देता है। जानिए यह मॉडल कैसे काम करता है और इसके 3 बड़े फायदे

अपडेटेड Oct 13, 2026 पर 5:02 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
यह नया तरीका हर साल 10% तक बढ़ने वाले प्रीमियम से भी सुरक्षा देता है

Health Insurance Subscription Model: भारतीय परिवारों के लिए हेल्थ इंश्योरेंस को आसान और किफायती बनाना इंश्योरेंस इंडस्ट्री की प्राथमिकता बनता जा रहा है। हाल ही में हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम पर GST दरों में कटौती जैसे बड़े फैसलों के बाद अब इंडस्ट्री में एक नया इनोवेटिव मॉडल तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह है हेल्थ इंश्योरेंस का सब्सक्रिप्शन बेस्ड EMI मॉडल।

इस नए मॉडल के तहत ग्राहक अपनी सुविधा के अनुसार मासिक या त्रैमासिक किस्तों में प्रीमियम का भुगतान करके 3 साल तक की मल्टी-ईयर कवरेज हासिल कर सकते हैं। पॉलिसीबाजार के आंकड़ों के मुताबिक, देश में लगभग 13% ग्राहक अब एकमुश्त भुगतान के बजाय मंथली या क्वार्टरली EMI के विकल्प को चुन रहे हैं।

कैसे काम करता है हेल्थ इंश्योरेंस का यह EMI मॉडल?


यह मॉडल मल्टी-ईयर हेल्थ इंश्योरेंस कवरेज को आसान किस्तों से जोड़ता है। इसमें ग्राहक एक बार में भारी-भरकम राशि देने के बजाय छोटे-छोटे हिस्सों में प्रीमियम चुकाते हैं।

उदाहरण से समझें तो मान लीजिए आपकी 3 साल की हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी का कुल प्रीमियम ₹36,000 यानी प्रति वर्ष ₹12,000 बनती है। पुराने तरीके में आपको ₹36,000 एक बार में देने पड़ते थे। लेकिन इस EMI मॉडल में आप हर महीने सिर्फ ₹1,000 की किस्त देकर 36 महीनों तक लगातार 3 साल का कवर चालू रख सकते हैं।

ग्राहकों के बीच बढ़ा क्रेज

पॉलिसीबाजार द्वारा जारी किए गए हालिया आंकड़ों के अनुसार:

औसत सालाना प्रीमियम/EMI टिकट साइज: ₹17,500

EMI चुनने वाले ग्राहक: 13% उपभोक्ता अब मासिक या तिमाही भुगतान का विकल्प चुन रहे हैं।

यह रुझान दर्शाता है कि लोग अब अपने हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम को मंथली बजट और घर के अन्य खर्चों की तरह मैनेज करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं।

हर साल 10% तक बढ़ने वाले प्रीमियम से मिलेगी राहत

किस्तों में भुगतान के साथ-साथ लॉन्ग-टर्म पॉलिसी चुनने का एक और बड़ा फायदा यह है कि आपका प्रीमियम 3 साल के लिए फिक्स हो जाता है। सामान्यतः हर साल रिन्यूअल के वक्त उम्र या मेडिकल इन्फ्लेशन के कारण प्रीमियम में 10% तक की बढ़ोतरी देखने को मिलती है। मल्टी-ईयर प्लान आपको इस सालाना बढ़ोतरी से सुरक्षा देता है।

इस बदलते ट्रेड पर पॉलिसीबाजार हेल्थ इंश्योरेंस के बिजनेस हेड रोहन गोयल ने कहा, 'हेल्थ इंश्योरेंस अब धीरे-धीरे पारंपरिक 'सालाना खरीद और रिन्यूअल' के चक्र से बाहर निकलकर एक अधिक लचीले और लॉन्ग-टर्म प्रोटेक्शन मॉडल की ओर बढ़ रहा है। मल्टी-ईयर पॉलिसियों और मंथली या क्वार्टरली पेमेंट ऑप्शंस के साथ ग्राहक लंबे समय के लिए अपनी कवरेज सुरक्षित करते हुए प्रीमियम के बोझ को आसानी से बांट सकते हैं। यह साफ संकेत है कि उपभोक्ता अब अपनी हेल्थ सिक्योरिटी के लिए अधिक अनुमानित और प्रबंधनीय तरीके तलाश रहे हैं।'

ग्राहकों को मिलने वाले 3 सबसे बड़े फायदे

 1. वित्तीय राहत: छोटा और अनुमानित पेमेंट शेड्यूल, साथ ही पॉलिसी अवधि के दौरान प्रीमियम स्थिर रहने का फायदा।

2. लगातार सुरक्षा: लंबे समय तक पॉलिसी चालू रहने से अचानक रिन्यूअल मिस होने या कवरेज लैप्स होने का खतरा खत्म।

3. सुविधा और आसानी: हर साल पॉलिसी रिन्यू कराने के झंझट से मुक्ति; सिर्फ एक बार सही निर्णय लें और 3 साल तक निश्चिंत रहें।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

हिंदी में शेयर बाजार,  स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।