आपके पास हेल्थ पॉलिसी है? अगर है तो उसका कवर अमाउंट कितना है? इस सवाल का जवाब काफी अहम है। दरअसल किसी व्यक्ति की हेल्थ पॉलिसी का कवर अमाउंट कई चीजों पर निर्भर करता है। इनमें व्यक्ति की सेहत, वित्तीय स्थिति, उम्र, लाइफ स्टाइल आदि शामिल हैं। अगर आपकी हेल्थ पॉलिसी का कवर अमाउंट पर्याप्त है तो आपको किसी मेडिकल इमर्जेंसी की स्थिति में फाइनेंशियल प्रॉब्लम का सामना नहीं करना पड़ेगा।
अगर आपके पास पहले से हेल्थ पॉलिसी (Health Policy) है तो आपको यह चेक करना जरूरी है कि उसका कवर पर्याप्त है या नहीं। अगर आपने अभी हेल्थ पॉलिसी नहीं खरीदी है तो आपको पर्याप्त कवर वाली हेल्थ पॉलिसी खरीदनी चाहिए। मनीकंट्रोल आपको कुछ तरीके बता रहा है, जिससे आपको अपने लिए सही हेल्थ पॉलिसी खरीदने में मदद मिलेगी।
1. हेल्थ से जुड़ी अपनी जरूरत को समझें
2. अपनी वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखें
हेल्थ पॉलिसी का प्रीमियम काफी ज्यादा होता है। इसलिए व्यक्ति की हेल्थ पॉलिसी का प्रीमियम इतना होना चाहिए कि उसे चुकाने में उसे दबाव का सामना नहीं करना पड़े। आम तौर पर ज्यादा कवरेज वाली पॉलिसी का प्रीमियम ज्यादा होता है। कई लोग ज्यादा कवर वाली पॉलिसी खरीद लेते हैं लेकिन उसे कंटिन्यू नहीं रख पाते। इसलिए हेल्थ पॉलिसी खरीदने से पहले यह देख लें कि कितना प्रीमियम आप आसानी से चुका सकते हैं। कुछ जनरल इंश्योरेंस कंपनियां हर महीने या हर तिमाही प्रीमियम पेमेंट की सुविधा देती हैं। इससे प्रीमियम चुकाना आसान हो जाता है।
3. उम्र और लाइफस्टाइल की अनदेखी नहीं करें
आपके लिए कितनी कवर वाली हेल्थ पॉलिसी ठीक रहेगी, यह बहुत हद तक आपकी उम्र और लाइफ स्टाइल पर भी निर्भर करता है। युवाओं के लिए कम कवर वाली पॉलिसी भी ठीक है। लेकिन, अगर आपकी उम्र ज्यादा है तो फिर आपको ज्यादा कवर वाली पॉलिसी लेनी चाहिए। दूसरा है लाइफ स्टाइल, जिसका ध्यान हेल्थ पॉलिसी खरीदने में रखना जरूरी है। अगर आप ऐसी गतिविधियों में शामिल हैं, जिसमें घायल होने की आशंक बनी रहती है तो फिर आपकी पॉलिसी का कवर ज्यादा होना चाहिए। उदाहरण के लिए स्पोर्ट्स से जुड़े लोगों के लिए ज्यादा कवर वाली हेल्थ पॉलिसी जरूरी है।
4. फैमिली की हेल्थ हिस्ट्री चेक कर लें
कई ऐसी बीमारियां हैं, जो वंशानुगत होती हैं। डायबिटीज, बीपी इसके उदाहरण हैं। अगर किसी व्यक्ति की फैमिली हिस्ट्री ऐसी है, जिसमें मातापिता, दादादादी, नानानानी को बीपी, डायबिटीज जैसी बीमारियां हैं तो आपको इनकी चपेट में आने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में ज्यादा कवर वाली हेल्थ पॉलिसी जरूरी है। इससे किसी मेडिकल इमर्जेंसी की स्थिति में आपको वित्तीय दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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5. मेडिकल इनफ्लेशन को ध्यान में रखें
मेडिकल इनफ्लेशन काफी ज्यादा है। इसकी वजह से हेल्थ केयर सर्विसेज की कीमत हर साल काफी बढ़ जाती है। इसका मतलब है कि आज किसी बीमारी के इलाज या सर्जरी का खर्च 5 लाख रुपये है तो हो सकता है कि वह अगले साल 6 लाख रुपये हो जाए। इसलिए हेल्थ पॉलिसी लेने में इस बात का ध्यान रखें कि एक-दो साल बाद जरूरत पड़ने पर उसका कवर अपर्याप्त नहीं होना चाहिए।