आज के डिजिटल दौर में जहां बैंकिंग सुविधाएं उंगलियों पर हैं, वहीं वित्तीय धोखाधड़ी का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। आए दिन ऐसी खबरें आती हैं जहां किसी व्यक्ति के पैन कार्ड का गलत इस्तेमाल कर उसके नाम पर फर्जी लोन ले लिया गया। इसका सबसे बुरा असर पड़ता है व्यक्ति के CIBIL स्कोर पर। अगर आप भी इस तरह की धोखाधड़ी से बचना चाहते हैं, तो 'क्रेडिट फ्रीज'आपके लिए एक सुरक्षा कवच साबित हो सकता है।
क्या होता है क्रेडिट फ्रीज?
आसान शब्दों में कहें तो क्रेडिट फ्रीज आपकी क्रेडिट रिपोर्ट पर एक डिजिटल ताला लगाने जैसा है। जब आप अपनी रिपोर्ट को फ्रीज कर देते हैं, तो कोई भी बैंक या वित्तीय संस्थान आपकी अनुमति के बिना आपकी क्रेडिट हिस्ट्री नहीं देख सकता। चूंकि लोन देने से पहले बैंक सिबिल स्कोर चेक करते हैं, और फ्रीज होने के कारण वे इसे एक्सेस नहीं कर पाएंगे, इसलिए जालसाज आपके नाम पर नया लोन या क्रेडिट कार्ड नहीं बनवा पाएंगे।
ज्यादातर लोग अपने सिबिल स्कोर पर तब ध्यान देते हैं जब उन्हें खुद लोन लेना होता है। इसी लापरवाही का फायदा उठाकर साइबर अपराधी आपकी आईडी का इस्तेमाल कर छोटे-छोटे लोन ले लेते हैं। जब इन लोन्स की ईएमआई (EMI) नहीं भरी जाती, तो आपका क्रेडिट स्कोर बुरी तरह गिर जाता है। क्रेडिट फ्रीज का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह पहचान की चोरी को रोकता है।
भारत में इसे कैसे करें एक्टिवेट?
भारत में मुख्य रूप से चार क्रेडिट ब्यूरो हैं TransUnion CIBIL, Equifax, Experian और CRIF High Mark। अपनी क्रेडिट रिपोर्ट को फ्रीज करने के लिए आपको इन ब्यूरो की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा।
1. अकाउंट बनाएं: सबसे पहले संबंधित ब्यूरो की वेबसाइट पर अपना अकाउंट बनाएं।
2. फ्रीज विकल्प चुनें: लॉगिन करने के बाद 'क्रेडिट फ्रीज' या 'कंट्रोल' सेक्शन में जाएं।
3. अनुरोध सबमिट करें: वहां दिए गए निर्देशों का पालन करते हुए फ्रीज रिक्वेस्ट डालें।
4. पिन (PIN) संभाल कर रखें: फ्रीज करने के बाद आपको एक यूनिक पिन या पासवर्ड दिया जा सकता है, जिसकी जरूरत भविष्य में रिपोर्ट को 'अनफ्रीज' करने के लिए पड़ेगी।
ध्यान रखने योग्य महत्वपूर्ण बातें
* खुद के लोन पर असर: याद रखें कि क्रेडिट फ्रीज होने के बाद आप खुद भी तब तक नया लोन नहीं ले पाएंगे, जब तक आप इसे अनफ्रीज न कर दें।
* समय-समय पर अनफ्रीज: यदि आप किसी लोन के लिए आवेदन करने वाले हैं, तो आप कुछ समय के लिए इसे अस्थायी रूप से अनफ्रीज कर सकते हैं और काम होने के बाद दोबारा फ्रीज कर सकते हैं।
* नियमित जांच: फ्रीज करने के बावजूद, समय-समय पर अपनी क्रेडिट रिपोर्ट चेक करते रहें ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि का तुरंत पता चल सके।