Holi Festival Business: होली का त्योहार इस साल सिर्फ रंगों और खुशियों तक सीमित नहीं है, बल्कि बाजारों में भी जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। ट्रेडर्स की एसोसिएशन CAIT यानी कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स के मुताबिक इस बार देशभर में होली के मौके पर 80 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार होने का अनुमान है। यह आंकड़ा पिछले साल के करीब 60 हजार करोड़ रुपये के मुकाबले लगभग 25 प्रतिशत ज्यादा है।
कैट के राष्ट्रीय महामंत्री और चांदनी चौक से सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि इस बार बाजारों में स्वदेशी उत्पादों की भारी मांग है। वोकल फॉर लोकल अभियान का असर साफ दिख रहा है। पहले होली पर चीनी सामान ज्यादा बिकता था, लेकिन अब भारतीय हर्बल गुलाल, प्राकृतिक रंग, पिचकारियां, गुब्बारे और पूजन सामग्री की सेल तेज हुई है।
रंग और गुलाल के अलावा मिठाई, ड्राई फ्रूट, गिफ्ट आइटम, कपड़े और रोजमर्रा के सामान की भी खूब खरीदारी हो रही है। खासतौर पर सफेद टी-शर्ट, कुर्ता-पायजामा, सलवार-सूट और हैप्पी होली लिखी टी-शर्ट की मांग बढ़ी है। मिठाई की दुकानों पर पारंपरिक गुजिया की सेल में बड़ा उछाल देखा जा रहा है।
दिल्ली में ही करीब 15 हजार करोड़ रुपये का व्यापार होने का अनुमान है। शहर के थोक और खुदरा बाजार रंग-बिरंगे गुलाल और आकर्षक पिचकारियों से सजे हैं। दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लगी हुई है।
इसके अलावा होली मिलन समारोहों ने भी कारोबार को बढ़ावा दिया है। दिल्ली में 3,000 से ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसके चलते बैंक्वेट हॉल, फार्महाउस, होटल और रेस्टोरेंट लगभग फुल बुक हैं। इस साल लोग केमिकल रंगों की बजाय हर्बल और प्राकृतिक रंगों को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। बच्चों में स्पाइडरमैन और छोटा भीम जैसी पिचकारियों का खास आकर्षण है।
ट्रेडर्स का कहना है कि भारत में त्योहार सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि अर्थव्यवस्था को भी गति देते हैं। इस बार की होली छोटे ट्रेडर्स, कुटीर उद्योगों और एमएसएमई सेक्टर के लिए खासा फायदेमंद साबित हो सकती है।