Home Loan EMI: क्या होम लोन जल्दी खत्म करना ही सबसे समझदारी भरा फैसला है? कई लोग कर्ज से जल्दी छुटकारा पाने के लिए प्रीपेमेंट कर देते हैं, लेकिन हर बार यह कदम फायदेमंद नहीं होता। एक्सपर्ट का कहना है कि होम लोन चुकाने या निवेश करने का फैसला भावनाओं से नहीं, बल्कि आपके फाइनेंशियल स्टेटस और सही कैलकुलेशन को समझकर लेना चाहिए।
कब फायदेमंद है प्रीपेमेंट?
अगर आपके पास 6 से 12 महीने का इमरजेंसी फंड है, तो आप अतिरिक्त पैसे से लोन का कुछ हिस्सा चुका सकते हैं। इससे फ्यूचर में ब्याज का बोझ कम होगा। इसके अलावा अगर आपके पास पहले से कोई महंगा कर्ज जैसे क्रेडिट कार्ड या पर्सनल लोन नहीं है, तभी होम लोन प्रीपेमेंट पर विचार करना बेहतर होता है। कुछ लोगों के लिए कर्ज मुक्त होना मानसिक सुकून देता है। ऐसे में प्रीपेमेंट उनके लिए सही फैसला हो सकता है, भले ही फायदे-नुकसान बराबर ही क्यों न हों।
कब निवेश करना होगा बेहतर?
अगर आपका होम लोन 6–7% के आसपास है और आप सुरक्षित निवेश जैसे FD से 7–8% रिटर्न कमा सकते हैं, तो पैसा निवेश करना ज्यादा समझदारी भरा हो सकता है। इससे आपका पैसा बढ़ेगा और लिक्विडिटी भी बनी रहेगी।
अगर आपके पास इमरजेंसी फंड नहीं है, तो लोन चुकाने में पैसा लगाना जोखिम भरा हो सकता है। जरूरत पड़ने पर आपके पास कैश नहीं बचेगा। कुछ बैंकों में प्रीपेमेंट पर 1–2% तक चार्ज लगता है, जिससे आपका फायदा कम हो सकता है। साथ ही होम लोन के ब्याज पर टैक्स छूट मिलती है। अगर आप जल्दी लोन चुका देते हैं, तो यह फायदा भी कम हो सकता है।
एक्सपर्ट के अनुसार, पहले इमरजेंसी फंड बनाएं, महंगे कर्ज खत्म करें और फिर सोच-समझकर फैसला लें। हर व्यक्ति की स्थिति अलग होती है, इसलिए एक ही नियम सब पर लागू नहीं होता। होम लोन प्रीपेमेंट अच्छा विकल्प हो सकता है, लेकिन हर किसी के लिए नहीं। सही फैसला वही है, जो आपकी जरूरत, जोखिम और भविष्य की योजना के हिसाब से बैलेंस हो।