Home Loan EMI Calculator: अपना घर खरीदने के लिए ज्यादातर लोग होम लोन लेते हैं। यह तरीका सुविधाजनक है, तो एकमुश्त घर खरीदने लायक रकम बचाना मुश्किल होता है। लेकिन, होम लोन के साथ कई साल तक EMI चुकाने की जिम्मेदारी भी आती है। अगर आपने 20 साल के लिए होम लोन लिया है, तो क्या इसे 5 साल पहले चुकाया जा सकता है?
इसका जवाब है हां। इसके लिए आपको हर महीने थोड़ी ज्यादा EMI देनी होगी। इसका फायदा यह होगा कि ब्याज में लाखों रुपये बच सकते हैं।
मान लीजिए, आपने 40 लाख रुपये का होम लोन लिया है। इस पर सालाना ब्याज दर 8.5% है और लोन चुकाने के लिए 20 साल का समय मिला है। अब देखते हैं कि अगर आप इसी लोन को 15 साल में चुका दें, तो आपके कितने रुपये बच सकते हैं।
40 लाख रुपये के होम लोन का पूरा हिसाब
अब मान लेते हैं कि आपको बैंक ने 40 लाख रुपये का लोन 8.5% सालाना ब्याज दर पर दिया है। अगर आप इसे 20 साल में चुकाते हैं, तो आपकी हर महीने की EMI करीब 34,713 रुपये होगी। इस तरह 20 साल में आप बैंक को कुल करीब 83.31 लाख रुपये चुकाएंगे। इसमें 40 लाख रुपये मूलधन और करीब 43.31 लाख रुपये ब्याज होगा।
अब अगर आप लोन की अवधि 20 साल से घटाकर 15 साल कर दें, तो EMI बढ़कर करीब 39,390 रुपये हो जाएगी। यानी आपको हर महीने करीब 4,677 रुपये ज्यादा देने होंगे। लेकिन इससे लोन 5 साल पहले खत्म हो जाएगा और कुल ब्याज घटकर करीब 30.90 लाख रुपये रह जाएगा।
5 साल पहले लोन चुकाने पर कितनी बचत होगी?
इस हिसाब से अगर आप हर महीने करीब 4,677 रुपये ज्यादा EMI देते हैं, तो लोन 5 साल पहले खत्म हो सकता है। इससे ब्याज में करीब 12.41 लाख रुपये की बचत होगी। यानी थोड़ी ज्यादा EMI का बोझ उठाकर आप लंबे समय में बड़ी रकम बचा सकते हैं।
होम लोन जल्दी चुकाने का दूसरा तरीका
अगर आप अपनी EMI नहीं बढ़ाना चाहते, तो समय-समय पर लोन के मूलधन का कुछ हिस्सा भी चुका सकते हैं। इसे प्रीपेमेंट कहते हैं। मिसाल के लिए, अगर आपको बोनस, इंक्रीमेंट या किसी दूसरे सोर्स से अतिरिक्त रकम मिलती है, तो आप उसका एक हिस्सा होम लोन चुकाने में लगा सकते हैं।
इससे लोन का बकाया मूलधन घटता है। नतीजतन, आगे लगने वाला ब्याज भी कम हो सकता है। अगर बैंक विकल्प देता है, तो प्रीपेमेंट के बाद EMI कम कराने के बजाय लोन की अवधि घटाने का विकल्प चुनना ब्याज बचाने में ज्यादा मददगार हो सकता है।
Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।