Home Loan के इंटरेस्ट पर क्या आप टैक्स-छूट का पूरा फायदा उठा रहे हैं? जानिए इस बारे में क्या है इनकम टैक्स का नियम

इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 24बी के तहत एक वित्त वर्ष में होम लोने के इंटरेस्ट पेमेंट पर 2 लाख रुपये तक का डिडक्शन क्लेम करने की इजाजत है। इस डिडक्शन से टैक्सपेयर की टैक्स लायिबिलिटी काफी घट जाती है। हालांकि, इसके लिए कुछ शर्तें तय हैं

अपडेटेड May 22, 2024 पर 11:05 AM
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होम लोन के इंटरेस्ट पेमेंट पर डिडक्शन क्लेम करने से घर खरीदने वाले की टैक्स लायबिलिटी कम हो जाती है।

सरकार लोगों को घर खरीदने के लिए प्रोत्साहित करती है। यही वजह है कि होम लोन लेने पर काफी टैक्स छूट मिलती है। इससे घर खरीदने वाले व्यक्ति की टैक्स लायबिलिटी कम हो जाती है। टैक्स छूट की वजह से होम लोन लेना दो तरह से फायदेमंद हो जाता है। पहला, आपके अपने घर का सपना पूरा होता है। दूसरा, व्यक्ति की टैक्स-लायबिलिटी घट जाती है। सवाल है कि होम लोन के इंटरेस्ट पर कुल कितना टैक्स-बेनेफिट मिलता है। आइए इस सवाल का जवाब जानने की कोशिश करते हैं।

इनकम टैक्स का नियम क्या है?

इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के सेक्शन 24बी (Section 24B of Income Tax Act) के तहत होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन (Deduction on home loan interest) का प्रावधान है। इसमें कहा गया है कि अगर आप घर खरीदने या बनवाने के लिए होम लोन लेते हैं तो आप उसके इंटरेस्ट पेमेंट पर डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। एक वित्त वर्ष में मैक्सिमम 2 लाख रुपये तक का डिडक्शन होम लोन के इंटरेस्ट पर क्लेम किया जा सकता है। इसके लिए कुछ शर्तें तय हैं। आप यह डिडक्शन तभी क्लेम कर सकते हैं, जब आपको इस घर का पजेशन मिल गया है या आपने उसे बनवा लिया है।


डिडक्शन क्लमे करने की शर्तें

सेक्शन 24बी के तहत उपलब्ध डिडक्शन का लाभ उठाने की दूसरी शर्त यह है कि आप घर का इस्तेमाल खुद कर रहे हैं या आपने उसे किराया पर दिया है। अगर आपने पत्नी या पति के साथ मिलकर ज्वाइंट होम लिया है तो दोनों एक वित्त वर्ष में 2 लाख रुपये का डिडक्शन क्लेम कर सकते हैं। इस डिडक्शन को क्लेम करने के लिए आपको अपने एंप्लॉयर या इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को जरूरी डॉक्युमेंट्स सब्मिट करने होंगे।

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होम लोन के प्रिंसिपल पर भी मिलता है डिडक्शन

इनकम टैक्स एक्ट के तहत होम लोन के प्रिंसिपल अमाउंट पर भी डिडक्शन का प्रावधान है। लेकिन, यह डिडक्शन सेक्शन 80सी के तहत मिलता है, जिसके तहत करीब एक दर्जन इनवेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट्स आते हैं। इसलिए जो टैक्सपेयर्स लाइफ इंश्योरेंस, पीपीएफ, म्यूचुअल फंड की इक्विटी स्कीम या दो बच्चों की ट्यूशन फीस पर डिडक्शन क्लेम करते हैं, उनके लिए होम लोन के प्रिंसिपल पर डिक्शनन क्लेम करने की गुंजाइश नहीं बचती है। लेकिन, अगर कोई टैक्सपेयर 80सी के तहत आने वाले इनवेस्टमेंट इंस्ट्रूमेंट्स पर डिडक्शन क्लेम नहीं करता है तो वह 80 सी के तहत सालाना 1.5 लाख रुपये तक का डिडक्शन होम लोन के प्रिंसिपल अमाउंट पर कर सकता है।

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