Home Loan Tax Benefit: पहली बार खरीद रहे घर? जानिए कैसे उठाएं टैक्स छूट का पूरा फायदा

Home Loan Tax Benefit: पहली बार घर खरीद रहे हैं? सही लोन स्ट्रक्चर, EMI प्लानिंग और टैक्स नियमों की समझ से आप लाखों रुपये बचा सकते हैं। एक्सपर्ट्स से जानिए 80C, 24(b) और अन्य छूट का पूरा फायदा उठाने का स्मार्ट तरीका।

अपडेटेड Feb 16, 2026 पर 3:54 PM
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पहली बार घर खरीदने वाले धारा 80EEA जैसी अतिरिक्त छूट का लाभ ले सकते हैं।

Home Loan Tax Benefit: घर खरीदना सिर्फ सही प्रॉपर्टी चुनने का फैसला नहीं है, बल्कि पैसों की सही योजना बनाना भी उतना ही जरूरी है। बजट 2026 में हाउसिंग लोन पर मिलने वाली टैक्स छूट जारी रखी गई है और ब्याज दरें भी फिलहाल स्थिर हैं। ऐसे में होमबायर्स के पास बचत बढ़ाने का मौका है। लेकिन यह तभी मुमकिन है जब लोन का स्ट्रक्चर, समय और टैक्स प्लानिंग सही तरीके से की जाए।

एक्सपर्ट्स का मानना है कि टैक्स नियमों को समझकर, मालिकाना हक और लोन को ठीक तरह से जोड़कर और लोन की अवधि सोच समझकर तय करके कुल लागत में बड़ा फर्क लाया जा सकता है।

मालिकाना हक और लोन की प्लानिंग कैसे करें


आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत होम लोन के प्रिंसिपल अमाउंट यानी मूलधन पर सालाना ₹1.5 लाख तक की छूट मिलती है। वहीं धारा 24(b) के तहत स्वयं रहने वाले घर पर दिए गए ब्याज पर ₹2 लाख तक की कटौती मिल सकती है।

BankBazaar के सीईओ आदिल शेट्टी कहते हैं कि अगर पति पत्नी अपनी आय के अनुपात में जॉइंट लोन लेते हैं तो टैक्स छूट का फायदा बढ़ाया जा सकता है। लेकिन ध्यान रखें कि टैक्स लाभ पजेशन मिलने के बाद ही शुरू होते हैं, इसलिए सभी दस्तावेज पूरे और सही होने चाहिए।

EMI को समझदारी से देखें

TDI Infrastructure के सीईओ अक्षय तनेजा के अनुसार, लोन के शुरुआती 3 से 5 साल में EMI का बड़ा हिस्सा ब्याज में जाता है। इसलिए इस दौर की योजना अहम होती है।अगर लोन की प्रक्रिया और पजेशन एक ही समय पर पूरे हों, तो टैक्स छूट तुरंत मिलना शुरू हो सकती है।

नया टैक्स रीजीम चुनने वालों के लिए

जो लोग नया टैक्स रीजीम चुनते हैं, उनके लिए होम लोन से जुड़ी कटौतियां सीमित हैं। ऐसे में उन्हें कुल ब्याज बोझ कम करने पर ध्यान देना चाहिए। ज्यादा डाउन पेमेंट, कम अवधि का लोन और समय समय पर प्रीपेमेंट करना फायदेमंद हो सकता है।

InvestoXpert Advisors के एमडी विशाल रहेजा कहते हैं कि टैक्स रेजीम का चुनाव हर साल परखना चाहिए। जो विकल्प एक साल सही लगे, वह अगले साल बेहतर हो यह जरूरी नहीं।

पहली बार घर खरीदने वालों के लिए खास छूट

पहली बार घर खरीदने वाले धारा 80EEA जैसी अतिरिक्त छूट का लाभ ले सकते हैं। लेकिन इसके लिए प्रॉपर्टी की कीमत, लोन की राशि और लोन मंजूरी की तारीख जैसी शर्तें पूरी करनी होती हैं।

PropertyPistol के एमडी आशीष नारायण अग्रवाल के मुताबिक, लोन की मंजूरी प्रॉपर्टी ट्रांसफर से पहले होनी चाहिए और सभी कागजात सही होने चाहिए, तभी छूट आसानी से मिलती है।

लोन की अवधि कैसे तय करें

लंबी अवधि का लोन लेने से EMI कम रहती है, लेकिन कुल ब्याज ज्यादा चुकाना पड़ता है। छोटी अवधि में ब्याज कम लगता है, लेकिन EMI ज्यादा हो सकती है और सालाना टैक्स छूट की सीमा का पूरा फायदा नहीं मिल पाता।

अधिल शेट्टी सलाह देते हैं कि शुरुआत में ऐसी अवधि चुनें जिसमें EMI आराम से चुकाई जा सके और बाद में अतिरिक्त भुगतान करके कुल लागत कम करें।

लचीले EMI विकल्प का फायदा

जिनकी आय समय के साथ बढ़ती है, वे स्टेप अप या बैलून EMI जैसे विकल्प चुन सकते हैं। इससे शुरुआत में कम EMI देनी पड़ती है और बाद में ज्यादा भुगतान करके लोन जल्दी चुकाया जा सकता है।

अक्षय तनेजा का कहना है कि हर साल थोड़ा अतिरिक्त मूलधन चुकाने से लोन की अवधि घटाई जा सकती है, बिना नकदी पर ज्यादा दबाव डाले।

नियमित समीक्षा जरूरी

होम लोन पर मिलने वाली टैक्स छूट अगर एक साल में पूरी उपयोग नहीं हुई, तो उसे अगले साल आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। इसलिए हर साल ब्याज सर्टिफिकेट को EMI से मिलान करना जरूरी है।

समय समय पर लोन की शर्तों, अवधि और भुगतान योजना की समीक्षा करते रहना चाहिए, ताकि आय या नियमों में बदलाव के अनुसार आपकी वित्तीय योजना मजबूत बनी रहे।

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